Dark Mode
  • Thursday, 09 April 2026
Israel ने दो टूक कहा- भरोसेमंद नहीं है पाकिस्तान, अमेरिका ने सिर्फ यूज किया

Israel ने दो टूक कहा- भरोसेमंद नहीं है पाकिस्तान, अमेरिका ने सिर्फ यूज किया

तेल अवीव। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इजरायल पाकिस्तान को एक भरोसेमंद या क्रेडिबल प्लेयर के रूप में नहीं देखता है। अजार के अनुसार, अमेरिका अपनी रणनीतिक जरूरतों और विशिष्ट कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता सेवाओं का उपयोग कर रहा है, ठीक उसी तरह जैसे उसने पहले कतर और तुर्की जैसे समस्याग्रस्त देशों का उपयोग किया था। मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों के बीच घोषित युद्धविराम शुरू होते ही विवादों की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ घोषित दो हफ्ते के युद्धविराम को अभी 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि धरातल पर स्थितियां तनावपूर्ण हो गईं। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि वैश्विक कूटनीति में पाकिस्तान की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। विवाद की मुख्य जड़ लेबनान को लेकर किए गए अलग-अलग दावे बने। ईरान और पाकिस्तान का तर्क है कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान पर हमले रोकना शामिल था, लेकिन इजरायल ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। इजरायल के स्पष्ट इनकार के बाद लेबनान में भारी हवाई हमले हुए, जिनमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की सूचना है।

इन हमलों ने स्पष्ट कर दिया कि मध्यस्थता करने वाले देश शर्तों को लेकर स्पष्टता सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं। इजरायल का यह रुख एक सख्त संदेश है कि कूटनीतिक गलियारों में केवल मध्यस्थता का दावा करना काफी नहीं है, बल्कि उसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साख होना अनिवार्य है। इजरायली राजदूत ने जोर देकर कहा कि उनके देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका के साथ सुरक्षा परिणामों पर तालमेल बिठाना है, विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर। वर्तमान परिस्थितियां दर्शाती हैं कि जब तक मध्यस्थ अपनी भूमिका में पारदर्शिता और स्पष्टता नहीं लाते, तब तक ऐसे युद्धविराम स्थायी शांति के बजाय नए संघर्षों का आधार बनते रहेंगे। इजरायल के सख्त बयानों ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के मामले में किसी भी ऐसे देश पर भरोसा करने को तैयार नहीं है जिसकी छवि संदिग्ध हो।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!