Dark Mode
  • Thursday, 20 August 2026
पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की जयंती पर वीर भूमि में कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की जयंती पर वीर भूमि में कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

  • खड़गे बोले- युवाओं, तकनीक और नए विचारों में उनके विश्वास की विरासत आज भी कायम

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर गुरुवार को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने दिल्ली स्थित वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें याद किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजीव गांधी को दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने देश के लाखों लोगों में उम्मीद जगाई और भारत को 21वीं सदी की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की विरासत उन बड़े बदलावों में दिखाई देती है, जिनका उन्होंने समर्थन किया था। युवाओं, तकनीकी प्रगति और नए विचारों में उनका विश्वास आज भी प्रासंगिक है। खड़गे ने कहा कि राजीव गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि भारत की सद्भाव और मेल-मिलाप की भावना को मजबूत करने के साथ बौद्धिक स्वतंत्रता, नवाचार और युवाओं की आकांक्षाओं को बढ़ावा देना होगी।


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी राजीव गांधी के युवा-केंद्रित फैसलों को याद किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में युवाओं के बीच बढ़ती बेचैनी और आकांक्षाओं के बीच राजीव गांधी की सोच को याद करना महत्वपूर्ण है। जयराम रमेश के मुताबिक, राजीव गांधी सरकार ने संविधान के 61वें संशोधन के जरिए मतदान की न्यूनतम उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करने का रास्ता प्रशस्त किया, जिससे युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी। रमेश ने शिक्षा के क्षेत्र में नवोदय विद्यालयों की स्थापना, युवाओं के लिए संस्थागत ढांचे के विकास और भारत को सूचना प्रौद्योगिकी के युग में ले जाने में राजीव गांधी की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाए जाने का भी जिक्र किया। राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वे 40 वर्ष की उम्र में 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री बने और 2 दिसंबर 1989 तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल में प्रशासन, शिक्षा, संचार और प्रौद्योगिकी के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया। वर्ष 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी सभा के दौरान आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!