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  • Wednesday, 14 October 2026
कमरे से बाहर नहीं आती थी मां, संजय रखते थे ख्याल: Neha Dhupia

कमरे से बाहर नहीं आती थी मां, संजय रखते थे ख्याल: Neha Dhupia

मुंबई। वर्ष 2004 में रिलीज हुई फिल्म ‘जूली’ की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री नेहा धूपिया की मां अक्सर सेट पर मौजूद रहती थीं, लेकिन वह अपने कमरे से बाहर नहीं आती थीं। फिल्म इंडस्ट्री में नेहा धूपिया ने अपने शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि उस समय अभिनेता संजय कपूर उनकी मां का खास ख्याल रखते थे और उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश करते थे। अभिनेत्री के मुताबिक, संजय अपने काम की व्यस्तताओं के बीच भी उनकी मां के लिए समय निकालते थे। नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो ‘डबल डेट’ में हाल ही में संजय कपूर और उनकी पत्नी महीप कपूर शामिल हुए।


बातचीत के दौरान नेहा ने ‘जूली’ की शूटिंग के दिनों को याद किया और बताया कि उस समय उनकी मां सेट पर आती थीं, लेकिन लोगों के बीच जाने के बजाय कमरे में ही रहना पसंद करती थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मां को किसी के बुलाने या आमंत्रित करने की जरूरत नहीं थी। वह चाहती थीं कि नेहा अपने काम पर पूरा ध्यान दे सकें। नेहा ने कहा कि संजय कपूर इस दौरान उनकी मां के प्रति काफी संवेदनशील थे। वह निर्देशक और निर्माता के साथ काम संभालने के अलावा उनकी मां के पास भी जाते थे और उनसे बातचीत कर उन्हें सहज महसूस कराने का प्रयास करते थे। अभिनेत्री ने संजय के व्यवहार की तारीफ करते हुए कहा कि वह इन सभी जिम्मेदारियों के बीच बहुत अच्छी तरह तालमेल बिठाते थे। नेहा ने यह किस्सा साझा करते हुए फिल्म की शूटिंग के दौरान मिले सहयोग को याद किया। फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार के शुरुआती दिनों में परिवार की मौजूदगी और सहयोग महत्वपूर्ण हो सकता है।


नेहा के अनुभव से पता चलता है कि सेट पर काम करने वाले लोगों का व्यवहार कलाकार के साथ-साथ उसके परिवार के लिए भी सहज माहौल बनाने में मददगार हो सकता है। नेहा धूपिया और संजय कपूर इससे पहले फिल्म ‘कयामत: सिटी अंडर थ्रेट’ में भी साथ काम कर चुके हैं। दोनों कलाकारों के बीच कामकाजी परिचय पहले से रहा है। फिल्म ‘जूली’ वर्ष 2004 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसका निर्देशन दीपक शिवदासानी ने किया था, जबकि एन. आर. पचिसिया फिल्म के निर्माता थे। इसमें नेहा धूपिया के साथ प्रियांशु चटर्जी, यश टोंक, संजय कपूर और अचिंत कौर ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म की कहानी जूली और मिहिर नाम के एक प्रभावशाली कारोबारी के इर्द-गिर्द घूमती है। मिहिर को जूली से प्यार हो जाता है, जो वेश्यावृत्ति के पेशे से जुड़ी होती है। जब मिहिर उससे शादी का प्रस्ताव रखता है, तो जूली अपने अतीत और पेशे को लेकर असमंजस में पड़ जाती है।

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