Indian Embassy के पास हुई हिंसा की जांच में बड़ी चूक, 3 आरोपियों की गलत हुई पहचान
नई दिल्ली। बीते साल लंदन में भारतीय दूतावास के पास हुई हिंसा के मामले में बनाए गए 15 आरोपियों में से 3 आरोपियों की गलत पहचान हुई है। संलिप्तता को लेकर 15 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गईं और उनके लिए लुकआउट नोटिस भी निकाला गया था। हालांकि, अब महीनों बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का कहना कि इस मामले में पंजाब के 3 लोगों की गलत पहचान हुई। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह बताया गया है। मालूम हो कि गृह मंत्रालय ने पहले साल 15 लोगों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था, जिनकी पहचान हिंसा से जुड़े वीडियो से की गई।एनआईए की टीम जांच के सिलसिले में पिछले साल मई में ब्रिटेन पहुंची थी।
जांच का मकसद घटना को लेकर पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े संदिग्ध आतंकी लिंक की जांच करना रहा। इसी दौरान दूतावास पर हमले वाले वीडियो जारी किए गए थे। इनमें लोगों को लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर इकट्ठा होते और हिंसा करते देखा गया। भारत लौटने के बाद एनआईए के अधिकारियों ने 45 संदिग्धों के वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक की थीं। साथ ही उनकी पहचान में मदद करने की अपील की गई। इसे लेकर एजेंसी को लगभग 850 कॉल प्राप्त हुईं।
कुल 15 संदिग्धों में से 3 को हाल ही में हिरासत में लिया गया और फिर एनआईए को सौंप दिया गया। हालांकि, लंबे समय तक जांच के बाद भी एनआईए को ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे 19 मार्च की हिंसा से उनका कोई संबंध मिले। जांच टीम ने कानूनी टीम और तत्कालीन महानिदेशक (एनआईए) दिनकर गुप्ता के साथ चर्चा की। इसके बाद जांच एजेंसी ने इनके खिलाफ अपनी एलओसी बंद करने का फैसला लिया।रिपोर्ट के मुताबिक, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और आव्रजन विभाग ने भी पहचान में मदद की थी। बताते हैं कि चेहरा पहचानने वाली तकनीक से 15 व्यक्तियों में से कुछ की पहचान में मदद ली गई। इसके बाद उनके खिलाफ एलओसी जारी की गई।
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