FIFA World Cup 2026, कई नये नियमों के साथ खेला जाएगा
सेन डियागो। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले आगामी फीफा विश्वकप 2026 में फुटबॉल के खेल में कई अभूतपूर्व नियम लागू किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य मैदान पर खिलाड़ियों के अनुशासन को मजबूत करना और खेल भावना को बढ़ावा देना है। 11 जून से शुरू होने वाले इस वैश्विक टूर्नामेंट में अब खिलाड़ी बहस के दौरान अपना मुंह नहीं छिपा सकेंगे। यदि कोई खिलाड़ी ऐसा करता है, तो उसे तत्काल लाल कार्ड का सामना करना पड़ेगा। यह महत्वपूर्ण कदम खिलाड़ियों के बीच होने वाले मौखिक दुर्व्यवहार, विशेषकर नस्लीय टिप्पणियों को रोकने के लिए उठाया गया है, जिसने अतीत में खेल की छवि को धूमिल किया है। मौखिक दुर्व्यवहार पर अंकुश लगाने के इस कदम के अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के नियम तय करने वाली संस्था, इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब रेफरी के फैसले के विरोध में मैदान छोड़ने वाले किसी भी खिलाड़ी को लाल कार्ड दिखाया जा सकता है। यह नियम उन टीम अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होगा जो अपने खिलाड़ियों को विरोध में मैदान छोड़ने के लिए उकसाते हैं। आईएफएबी ने स्पष्ट किया है कि विश्व कप में भाग लेने वाली सभी 48 टीमों को इन सभी संशोधनों के बारे में विस्तार से सूचित किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी न हो। इन अनुशासनात्मक बदलावों के साथ-साथ, फीफा ने विश्व कप के पीले कार्ड संबंधी नियमों में भी संशोधन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महत्वपूर्ण नॉकआउट मैचों के लिए कम खिलाड़ियों को निलंबन का सामना करना पड़े।
नए नियम के अनुसार, विश्व कप के दौरान किसी खिलाड़ी को मिले पीले कार्ड दो बार उसके रिकॉर्ड से हटा दिए जाएंगे। फीफा परिषद ने फीफा विश्व कप 2026 के नियमों में संशोधन करते हुए यह तय किया है कि ग्रुप चरण में मिला कोई भी पीला कार्ड नॉकआउट चरण में मान्य नहीं होगा। इसका अर्थ है कि नॉकआउट चरण में प्रवेश करने वाले सभी खिलाड़ियों को क्लीन स्लेट के साथ शुरुआत करने का मौका मिलेगा। इसी तरह, क्वार्टर फाइनल में मिला एक पीला कार्ड अगले मैचों (सेमीफाइनल और फाइनल) के लिए मान्य नहीं होगा। विश्व कप में इससे पहले यदि किसी खिलाड़ी को दो अलग-अलग मैचों में पीला कार्ड दिखाया जाता था तो उसे एक मैच का प्रतिबंध झेलना पड़ता था। हालांकि, पिछले टूर्नामेंटों में क्वार्टर फाइनल चरण के बाद एक पीले कार्ड को रद्द कर दिया जाता था, जिससे यह सुनिश्चित होता था कि सेमीफाइनल में पीला कार्ड मिलने के कारण कोई भी खिलाड़ी फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैच से बाहर न हो। ये नए नियम खिलाड़ियों को बिना अनावश्यक दबाव के बड़े मैचों में अपनी पूरी क्षमता से खेलने का अवसर प्रदान करेंगे, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ जाएगा। ये सभी नियम फीफा विश्वकप 2026 को न केवल खेल के लिहाज से बल्कि नैतिकता और निष्पक्षता के दृष्टिकोण से भी एक नए स्तर पर ले जाने का प्रयास करेंगे। गिरजा/ईएमएस 02 जून 2026
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