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Dravid के ये रिकार्ड तोड़ना किसी भी क्रिकेटर के लिए हैं असंभव

Dravid के ये रिकार्ड तोड़ना किसी भी क्रिकेटर के लिए हैं असंभव

मुम्बई। भारतीय क्रिकेट में कई महान खिलाड़ी हुए पर पूर्व कप्तान और भरोसेमंद बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के नाम कुछ ऐसे अनूठे रिकार्ड हैं जिन्हें आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है। ये ऐसे रिकार्ड हैं जिन्हें तोड़ना आधुनिक युग के बल्लेबाजों के लिए असंभव सा नजर आता है। द्रविड़ अपनी बेजोड़ तकनीक, अटूट एकाग्रता और मजबूत इरादों के बल पर वे विरोधी टीमों के सामने एक ऐसी दीवार बनकर खड़े हो जाते थे जिसे भेद पाना लगभग असंभव था। द्रविड़ ने अपने करियर में 3 ऐसे रिकॉर्ड बनाये हैं जिनका टूटना तो दूर, शायद पास पहुंचना भी नामुमकिन है।


सबसे अधिक गेंद खेलने का रिकार्ड
द्रविड़ ने तीनों फॉर्मेट मिलाकर 500 से अधिक मुकाबले खेले। उन्होंने अपने करियर के दौरान कुल 31,258 गेंदों का सामना किया। लाल गेंद क्रिकेट के इतिहास में इतनी गेंदें किसी भी अन्य बल्लेबाज ने नहीं खेली हैं, इस सूची में महान सचिन तेंदुलकर भी उनसे पीछे हैं, जिन्होंने अपने करियर में 29,437 गेंदें खेली थीं।


क्रीज पर सबसे लंबा समय बिताया
क्रीज पर बिताए गए समय की बात करें तो, द्रविड़ ने अपनी 286 टेस्ट पारियों में कुल 44,152 मिनट यानी लगभग 735 घंटे मैदान पर बिताए। इस मामले में भी वे दुनिया में पहले स्थान पर हैं और यह आंकड़ा उनकी बेजोड़ एकाग्रता व गेंदबाजों को थकाने की क्षमता को दिखाता है। सचिन तेंदुलकर इस सूची में दूसरे नंबर पर 41,304 मिनट के साथ हैं।


88 शतकीय साझेदारियों का हिस्सा रहे
द्रविड़ केवल खुद रन बनाने में विश्वास नहीं रखते थे, बल्कि वे अपने जोड़ीदार को भी निखारते थे। अपने टेस्ट करियर में वे 88 ऐसी शतकीय साझेदारियों का हिस्सा रहे, जिनमें 100 या उससे ज्यादा रन जुड़े। इस सूची में भी वे शीर्ष पर हैं और सचिन तेंदुलकर 86 ऐसी साझेदारियों के साथ उनके पीछे हैं। द्रविड़ और सचिन की जोड़ी ने खुद मिलकर टेस्ट क्रिकेट में 20 बार शतकीय साझेदारियां कीं, जो खेल के इतिहास में किसी भी जोड़ी द्वारा बनाई गई सबसे ज्यादा हैं। हुल द्रविड़ के कुल करियर आंकड़ों पर नजर डालें, तो वे किसी भी खिलाड़ी के लिए वहां तक पहुंचना एक सपने से कम नहीं हैं। उन्होंने 164 टेस्ट मैचों में 52.31 की शानदार औसत से 13,288 रन बनाए, जिसमें 36 शतक और 63 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं उन्होंने 344 वनडे मुकाबलों में 39.16 की औसत से 10,889 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 83 अर्धशतक शामिल है। कठिन विदेशी दौरों पर भारतीय बल्लेबाजी को संभालने से लेकर विकेटकीपिंग की अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाने तक, द्रविड़ ने हमेशा टीम के हित को अपने व्यक्तिगत आंकड़ों से ऊपर रखा। संन्यास लेने के बाद भी भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण कम नहीं हुआ। मुख्य कोच के रूप में उन्होंने भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी को तराशने का काम किया. उनकी कोचिंग में भारत ने 2018 का अंडर-19 विश्व कप जीता और फिर 2024 में टी20 विश्व कप की ट्रॉफी जीती। . इसके अलावा, उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 और आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 के फाइनल तक भी पहुंची।

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