Dark Mode
शैक्षणिक पाठ्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों पर जानकारी देना आवश्यक : CM Dr. Yadav

शैक्षणिक पाठ्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों पर जानकारी देना आवश्यक : CM Dr. Yadav

भोपाल/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन के आवागमन के लिए सभी शासकीय भवनों को बाधारहित बनाना आवश्यक है। बच्चों में दिव्यांगता के बारे में संवेदनशीलता विकसित करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में आवश्यक सामग्री शामिल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशामुक्ति के लिए चलायें जा रहे अभियान के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्परिणामों से किशोरों और युवाओं को समय रहते परिचित कराना जरूरी है। नशे के विरूद्ध वातावरण बनाने के उद्देश्य से स्कूली और महाविद्यालयीन स्तरों के पाठ्यक्रमों में नशे के विरूद्ध जागरूकता पर केंद्रित सामग्री शामिल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी क्षमता अनुसार कौशल उन्नयन की गतिविधियां भी संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उक्त निर्देश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में गुरूवार को हुई बैठक में विभाग के मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव अनुराग जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।

दिव्यांगजन के लिए की गई है 168 स्मार्ट क्लास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्म दिवस, विवाह वर्षगांठ जैसे शुभ अवसरों और परिजन की स्मृति में जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा भारतीय संस्कृति में रही है। उन्होंने ऐसी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक पहल को, प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर निराश्रितों को भोजन कराने के लिए निश्चित व्यवस्था के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान वर्ष 2025 अंतर्गत प्रदेश में 6 करोड़ 52 लाख रुपए के कृत्रिम अंग एवं सहायक यंत्र दिव्यागंजन को उपलब्ध कराये गये। प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए संचालित विशेष विद्यालयों में दिव्यांगजन के लिए 168 स्मार्ट क्लास तैयार की गई हैं। नशामुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत 12 हजार वालेंटियर्स बनाये गये हैं, जो नशे के दुष्परिणामों से जन सामान्य को अवगत करा रहे हैं। दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार उपलबध कराने के लिए भारत सरकार से प्राप्त पुरस्कार संस्थानों से एमओयू किया गया है। इन संस्थाओं द्वारा 12 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वृद्धजनों की देखभाल के लिए 54 प्रतिभागियों को केयर-गिवर का प्रशिक्षण दिलवाया गया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, संजय शुक्ला, मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव सोनाली वायंगणकर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!