13 साल बाद Real Madrid में जोस मोरिन्हो की वापसी
2029 तक बने रहेंगे मुख्य कोच
मैड्रिड। स्पेन के दिग्गज फुटबॉल क्लब रियल मैड्रिड ने अनुभवी कोच जोस मोरिन्हो को एक बार फिर टीम की कमान सौंप दी है। क्लब ने मोरिन्हो को अगले तीन वर्षों के लिए मुख्य कोच नियुक्त किया है। यह अनुबंध जून 2029 तक प्रभावी रहेगा। इस नियुक्ति के साथ ही मोरिन्हो की 13 वर्षों बाद रियल मैड्रिड में वापसी हो गई है। क्लब और उसके प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनके अनुभव और नेतृत्व में टीम एक बार फिर घरेलू और यूरोपीय फुटबॉल में नई ऊंचाइयों को छू सकेगी। रियल मैड्रिड के निदेशक मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। क्लब की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अध्यक्ष फ्लोरेंटिनो पेरेज की मौजूदगी में हुई बैठक में मोरिन्हो को अगले तीन सत्रों के लिए प्रथम टीम का मुख्य कोच नियुक्त करने पर सहमति बनी। वह 13 जुलाई से आधिकारिक रूप से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे और टीम के साथ काम शुरू करेंगे। मोरिन्हो इससे पहले भी रियल मैड्रिड के साथ सफल कार्यकाल बिता चुके हैं। उनके नेतृत्व में क्लब ने ला लीगा, कोपा डेल रे और स्पेनिश सुपर कप जैसे महत्वपूर्ण खिताब जीते थे। उस दौर में रियल मैड्रिड और बार्सिलोना के बीच प्रतिद्वंद्विता अपने चरम पर थी। विशेष रूप से पेप गार्डियोला के नेतृत्व वाली बार्सिलोना और मोरिन्हो की रियल मैड्रिड के मुकाबले विश्व फुटबॉल के सबसे चर्चित संघर्षों में गिने जाते थे। रियल मैड्रिड में वापसी से पहले मोरिन्हो पुर्तगाल के क्लब बेनफिका के साथ जुड़े हुए थे।
हालांकि उनके नेतृत्व में टीम कोई बड़ा खिताब नहीं जीत सकी, लेकिन क्लब ने लीगा पुर्तगाल में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और पूरे अभियान में अपराजित रहने में सफलता हासिल की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मोरिन्हो को अनुबंध से मुक्त कराने के लिए रियल मैड्रिड ने लगभग 15 मिलियन यूरो का मुआवजा भुगतान किया है। मोरिन्हो के जाने के बाद बेनफिका ने इंग्लैंड के क्लब फुलहम के पूर्व प्रबंधक मार्को सिल्वा को नया कोच नियुक्त किया है। वहीं रियल मैड्रिड में उनकी वापसी को क्लब की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अध्यक्ष फ्लोरेंटिनो पेरेज पहले ही टीम को और मजबूत बनाने तथा बड़े खिलाड़ियों को क्लब से जोड़ने का संकेत दे चुके हैं। ऐसे में आगामी ट्रांसफर विंडो के दौरान कई बड़े सौदों की संभावना भी जताई जा रही है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मोरिन्हो की वापसी से रियल मैड्रिड के खेल में नई ऊर्जा और आक्रामकता देखने को मिल सकती है। अपनी रणनीतिक सोच, अनुशासन और जीत हासिल करने की मानसिकता के लिए पहचाने जाने वाले मोरिन्हो के सामने अब क्लब को फिर से यूरोप के शीर्ष क्लबों में स्थापित करने की चुनौती होगी। प्रशंसकों और फुटबॉल जगत की नजरें अब उनके दूसरे कार्यकाल पर टिकी हैं, जहां उनसे एक बार फिर सफलता की नई कहानी लिखने की उम्मीद की जा रही है।
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