Kailaras सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना धर्मशाला, महिला प्रसूता कक्ष में रात भर सोते हैं पुरुष
- नियमों की खुलेआम धज्जियां, डिलीवरी के लिए आई महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे, बीएमओ को नहीं है खबर
कैलारस/ नगर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अपनी बदइंतजामी को लेकर सुर्खियों में है। कथित तौर पर देखा जाए तो अस्पताल में महिला प्रसूता महिलाओं के लिए बने विशेष कक्ष में रात के समय पुरुषों के सोने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के प्रभारी बीएमओ को इस गंभीर लापरवाही की जानकारी तक नहीं है।
रात होते ही महिला वार्ड बन जाता है पुरुषों का बसेरा
स्थानीय लोगों और अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जो कक्ष प्रसूता महिलाओं के लिए आरक्षित है, उसमें रात्रि काल में बाहरी पुरुष चादर बिछाकर सोते हैं। दिन में जहां महिलाओं की डिलीवरी और इलाज होता है, वहीं रात में उसी बेड पर पुरुषों का कब्जा रहता है। इससे न केवल संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि महिला मरीजों की निजता और सुरक्षा भी खतरे में है।
कई बार आधी रात को प्रसव पीड़ा से तड़पती महिलाओं को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचते हैं, तो उन्हें बेड खाली कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
क्या कहते हैं सरकारी नियम -
स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट नियम हैं, जिनकी यहां खुलेआम अनदेखी हो रही है -
1. IPHS मानक के अनुसार - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला वार्ड और पुरुष वार्ड अलग-अलग होना अनिवार्य है। प्रसूता वार्ड (लेबर रूम) में किसी भी बाहरी पुरुष का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है।
2. प्राइवेसी एक्ट - प्रसूता कक्ष में केवल महिला डॉक्टर, स्टाफ नर्स, आशा कार्यकर्ता और महिला अटेंडेंट ही रह सकती है।
3. सुरक्षा नियम - अस्पताल परिसर में रात्रि में चौकीदार और वार्ड बॉय की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगती है। बाहरी व्यक्ति का वार्ड में सोना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।
4. BMO की जिम्मेदारी - अस्पताल की समस्त व्यवस्थाओं के लिए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) सीधे तौर पर जिम्मेदार होता है। इस तरह की लापरवाही पर CMHO मुरैना द्वारा कार्रवाई का प्रावधान है।
बीएमओ बोले - मुझे मालूम ही नहीं
इस संबंध में जब कैलारस बीएमओ से बात की गई तो उनका गैर-जिम्मेदाराना जवाब सामने आया। उन्होंने कहा कि महिला प्रसूता रूम में पुरुषों के सोने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों ने कलेक्टर मुरैना और CMHO से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अगर महिला वार्ड में ही पुरुष सोएंगे तो हमारी बहू-बेटियां कहां जाएंगी? अस्पताल है या धर्मशाला?- एक स्थानीय ग्रामीण।।
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