शिवा ट्रिलॉजी जैसी फिल्म का हिस्सा बनना मेरा सपना: Tridha Choudhury
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री त्रिधा चौधरी ने कहा कि वह भविष्य में बॉलीवुड के ऊर्जावान अभिनेता रणवीर सिंह के साथ काम करने की प्रबल इच्छुक हैं। त्रिधा ने आगे कहा कि अगर उन्हें शिवा ट्रिलॉजी जैसी किसी पौराणिक फिल्म में काम करने का मौका मिले, तो वह उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा होगा, क्योंकि यह उनकी आस्था और अभिनय के प्रति जुनून दोनों को संतुष्ट करेगा। जब त्रिधा से पूछा कि अगर उन्हें भविष्य में किसी बड़े ऐतिहासिक या पौराणिक फिल्म में काम करने का मौका मिले, तो वह किस तरह का किरदार निभाना पसंद करेंगी, तो इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि वह लेखक अमिश त्रिपाठी की मशहूर किताब शिवा ट्रिलॉजी पर बनने वाली फिल्म का हिस्सा बनना चाहेंगी। यह सीरीज भगवान शिव की गाथा को आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है, जिससे यह कलाकारों के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। त्रिधा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, मैंने हाल ही में सुना है कि रणवीर सिंह ने शिवा ट्रिलॉजी के फिल्मी राइट्स खरीद लिए हैं। यह खबर सुनकर मैं काफी उत्साहित हूं, क्योंकि यह प्रोजेक्ट उनके नेतृत्व में और भी भव्य और प्रभावशाली बन सकता है। मैं रणवीर सिंह की बहुत बड़ी फैन हूं और उन्हें एक अभिनेता के तौर पर बेहद पसंद करती हूं। रणवीर जिस तरह अपने हर किरदार में पूरी एनर्जी और शिद्दत डालते हैं, वह मुझे एक कलाकार के तौर पर बेहद प्रेरित करता है। उनके साथ काम करना मेरा एक बड़ा सपना है।
उन्होंने आगे कहा, भगवान शिव के प्रति मेरी गहरी आस्था है, और यही वजह है कि शिवा ट्रिलॉजी से मेरा एक भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव भी है। मैंने इस किताब की पूरी सीरीज पढ़ी है और इसकी कहानी ने मुझे काफी प्रभावित किया है, खासकर जिस तरह से मानवीय भावनाओं और पौराणिक कथाओं का मिश्रण किया गया है। अगर मुझे किसी ऐसी पौराणिक फिल्म में अभिनय करने का मौका मिलता है, जिसमें मैं अपने अभिनय के साथ अपनी आस्था को भी जोड़ सकूं, तो वह मेरे करियर का सबसे खास और यादगार अनुभव होगा। त्रिधा ने बातचीत के दौरान अपने अभिनय दर्शन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, मेरे लिए सिर्फ खूबसूरत दिखना या ग्लैमरस किरदार निभाना ज्यादा मायने नहीं रखता। एक कलाकार की असली पहचान उसके अभिनय की गहराई और प्रामाणिकता से होती है। अगर कोई कलाकार स्क्रीन पर सिर्फ अच्छा दिखे लेकिन अपने किरदार को सही तरीके से निभा न पाए, तो दर्शक उससे भावनात्मक रूप से जुड़ नहीं पाते, और ऐसा अभिनय मुझे संतुष्टि नहीं देता। अभिनेत्री ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा, मेरे लिए क्रिटिक्स की तारीफें ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि वे मेरे अभिनय कौशल का सही मूल्यांकन करती हैं। अगर लोग मेरे अभिनय को पसंद करें और यह महसूस करें कि मैंने किरदार के साथ न्याय किया है, और मैंने उनके दिलों तक कोई भावना पहुंचाई है, तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता है। मैं हमेशा ऐसे रोल चुनना चाहती हूं जिनमें अभिनय करने का भरपूर मौका मिले और मैं दर्शकों तक कोई गहरी भावना या संदेश पहुंचा सकूं। त्रिधा चौधरी की यह महत्वाकांक्षा उन्हें इंडस्ट्री में एक गंभीर और समर्पित अभिनेत्री के रूप में स्थापित करती है। बता दें कि फिल्म इंडस्ट्री में अब कई कलाकार सिर्फ ग्लैमरस और सतही किरदारों तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे ऐसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने की इच्छा रखते हैं, जिनमें अभिनय के साथ भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव भी हो, और जो उन्हें एक कलाकार के रूप में खुद को गहराई से तलाशने का अवसर दें।
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