अब Aquatics और साइकिलिंग जैसे खेलों में भी ओलंपिक पदक विजेता तैयार करेगा भारत
नई दिल्ली। भारतीय खिलाड़ी अब तक ओलंपिक में निशानेबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, भाला फेंक, मुक्केबाजी सहित कुछ खेलों में ही पदक जीत पाये हैं। ऐसे में अन्य खेलों में भी पदक विजेता खिलाड़ी तैयार करने की योजना बनायी जा रही है। भारत की ओलंपिक 2036 की दावेदारी मजबूत करने के लिये ओलंपिक समिति अब मुख्य रुप से अब एक्वाटिक्स और साइकिलिंग जैसे खेलों में भी ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी तैयार करने पर जोर रहेगा। अब तक इन खेलों में भारत का प्रदर्शन सामान्य रहा है। इन दोनो खेलों पर इसलिए भी अधिक जोर दिया जा रहा है क्योंकि इन दोनों खेलों में काफी पदक मुकाबले होते हैं। खेल मंत्रालय चाहता है कि अगर भारत को 2036 खेलों की मेजबानी मिलती है तो उसके खिलाड़ियों को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इसका कारण है कि आम तौर पर मेजबान देश ओलंपिक में अपना प्रदर्शन बेहतर करने पर जोर देते हैं जिससे अपने देश में होने वाले खेलों में मैदान पर भी उनका प्रदर्शन बेहतर रहे। चीन ने 2008 बीजिंग ओलंपिक से ऐसे खेलों में अपने प्रदर्शन में सुधार किया जिसमें अतीत में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था।
इनमें मुक्केबाजी, केनोइंग और तीरंदाजी शामिल है। इसी को देखते हुए भारत को भी बदलाव करने होंगे और ये तय करना होगा कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हो। इसलिए अब सारा ध्यान स्कूलों पर होगा जहां से 2036 ओलंपिक के विजेता निकल सकता हैं। उन खेलों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा जिनमें भारत का प्रदर्शन खास नहीं रहा है लेकिन जिनसे पदक मिल सकते हैं। इसके लिए एक्वाटिक्स, नौकायन और साइकिलिंग प्राथमिकता में हैं। एक्वाटिक्स में तैराकी, गोताखोरी, वाटरपोलो, कलात्मक तैयारी और ओपन वॉटर तैराकी शामिल है। इनमें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में 36 स्पर्धाओं के 350 से अधिक कुल पदकों में से 55 दाव पर होंगे। वहीं नौकायन में 15 स्पर्धाओं में 45 और साइकिलिंग में 22 स्पर्धाओं में 66 पदक दाव पर होंगे।
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