Dark Mode
  • Tuesday, 25 August 2026
Samiksha Bhatnagar बोलीं—किरदार की सच्चाई पर्दे पर उतारना ही कलाकार की असली जिम्मेदारी

Samiksha Bhatnagar बोलीं—किरदार की सच्चाई पर्दे पर उतारना ही कलाकार की असली जिम्मेदारी

मुंबई। टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री समीक्षा भटनागर इन दिनों स्टार प्लस के बेहद लोकप्रिय टीवी सीरियल अनुपमा में श्रुति आहूजा के किरदार में नजर आ रही हैं। अभिनेत्री का मानना है कि वे बेहद खुशकिस्मत हैं कि उन्हें श्रुति का इतना दिलचस्प किरदार निभाने और डीकेपी (डायरेक्टर्स कट प्रोडक्शन) प्रोडक्शंस जैसे प्रतिष्ठित बैनर में काम करने का मौका मिला है। समीक्षा भटनागर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया, टीवी सीरियल अनुपमा पहले से ही बहुत लोकप्रिय शो है। जब मुझे डीकेपी प्रोडक्शंस की तरफ से श्रुति आहूजा का किरदार निभाने का प्रस्ताव मिला, तो मैंने सबसे पहले उसे गहराई से समझा। मुझे लगा कि इस किरदार में दम है और यह मुझ पर सूट करता है। इसी बात ने मुझे जल्दी से इस रोल को स्वीकार करने के लिए मना लिया, और अब लोगों को भी यह किरदार पसंद आ रहा है।


अभिनेत्री ने आगे श्रुति आहूजा के किरदार की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया। उनका कहना है कि हर भूमिका एक नया चैलेंज लेकर आती है, और श्रुति आहूजा का किरदार भी कुछ ऐसा ही था। समीक्षा ने कहा, वह एक मां हैं, जिन्हें अपनी बेटी के लिए खुद को हर बार जस्टिफाई करना पड़ता है। वह अपनी बेटी से बहुत प्यार करती हैं, लेकिन वह एक नकारात्मक किरदार बिल्कुल नहीं हैं, और मैं नहीं चाहती थी कि लोग उन्हें उस तरह से देखें। एक अभिनेता के तौर पर, मेरा यह मानना है कि स्क्रीन पर उस कैरेक्टर को पूरी तरह से जस्टिफाई करना एक एक्टर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।


समीक्षा भटनागर ने यह भी बताया कि जब भी उन्हें कोई रोल ऑफर होता है, तो वह सबसे पहले अपने किरदार के बारे में गंभीरता से सोचती हैं कि उसमें क्या नयापन लाया जा सकता है। उन्होंने अपनी अभिनय प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा, जब भी मुझे कोई रोल ऑफर होता है, तो मेरे लिए यह समझना बहुत जरूरी होता है कि मैं उस किरदार में क्या नयापन ला सकती हूं। एक एक्टर के तौर पर, मैं उसमें क्या योगदान दे सकती हूं? उसके बाद, कैरेक्टर के बारे में मेरी समझ बहुत जरूरी हो जाती है। मेरे लिए स्क्रीन पर रोल के साथ पूरा न्याय करना और यह पक्का करना भी उतना ही जरूरी है कि लोग उससे भावनात्मक रूप से जुड़ पाएं। समीक्षा भटनागर की यह सोच उनके अभिनय के प्रति उनकी गंभीरता और लगन को दर्शाती है, जिससे वे हर किरदार को अपनी एक खास पहचान दे पाती हैं।

 

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!