Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर 19 विपक्षी दलों का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी हुए शामिल
- संसद से चुनाव आयोग तक निकाला मार्च, एसआईआर में 13 करोड़ नाम काटे जाने का विरोध
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी दलों के सांसदों ने मंगलवार को दिल्ली में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला। मार्च नई संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक निकाला जा रहा है। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। विपक्षी सांसद ‘सेव डेमोक्रेसी’ का बैनर लेकर मार्च में शामिल हुए। संसद परिसर के मकर द्वार पर भी सांसदों ने नारेबाजी की। मार्च को देखते हुए संसद मार्ग, जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। हालांकि, विपक्षी गठबंधन के घटक दल आम आदमी पार्टी (आप) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) इस मार्च में शामिल नहीं हुए। समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन भी बैनर लेकर प्रदर्शन में पहुंचीं। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उनकी आपत्तियां लगातार बनी हुई हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है।
इस्तीफा होने तक जारी रहेगा विरोध
मार्च में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि एसआईआर की घोषणा के बाद से ही उनकी पार्टी और अखिलेश यादव इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरा विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। धर्मेंद्र यादव के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं, जो लोकतंत्र, संविधान और कानून की भावना के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी इस मुद्दे पर विरोध करता रहा है और आगे भी जारी रखेगा। धर्मेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका विरोध समाप्त नहीं होगा।
टीएमसी ने भी उठाई इस्तीफे की मांग
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘वोट चोर’ कहा और पद छोड़ने की मांग की।
पहले भी मार्च निकाल चुका है विपक्ष
इंडिया गठबंधन ने 11 अगस्त 2025 को भी संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। उस प्रदर्शन में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार समेत 25 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पहले भी चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर चुका है। ताजा मार्च के जरिए विपक्षी दलों ने एक बार फिर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया है।
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