इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता में टीम कोड-12 विजेता
ग्वालियर। “माय लॉर्ड, संविधान में मौलिक अधिकार स्पष्ट है कि शिक्षा के लिए किसी को रोका नहीं जा सकता, फिर परीक्षा में बैठने देने में दिक्कत क्यों आ रही है?”— कोर्ट रूम में रखे गए इस तर्क ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। याचिकाकर्ता टीम कोड-12 ने जब माननीय डिवीजन बेंच के समक्ष अपने संवैधानिक तर्क प्रस्तुत किए तो उपस्थित निर्णायकों व दर्शकों ने उनकी सराहना की। यह अवसर था शासकीय कमला राजा कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के विधि संस्थान में आयोजित इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 के फाइनल राउंड का। प्रतियोगिता के दौरान प्राचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव, समन्वयक डॉ. शिशिर कश्यप एवं सह-समन्वयक डॉ. अंजू यादव सहित संपूर्ण विधि विभाग प्रतिभागियों के तर्कों एवं संबंधित धाराओं का मूल्यांकन करते रहे। मूट कोर्ट के निर्णायक के रूप में अधिवक्ता महेश गोयल (सचिव, बार एसोसिएशन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खंडपीठ ग्वालियर) एवं प्रशांत शर्मा (सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी) उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के अंतर्गत सेमीफाइनल और फाइनल राउंड आयोजित किए गए।
संविधान आधारित काल्पनिक प्रकरण पर टीम कोड-12 (याचिकाकर्ता) की ओर से प्रियंका शर्मा, आयुषी सिंह राठौर एवं गरिमा कुशवाह ने प्रभावी पैरवी की, जबकि टीम कोड-03 (प्रत्यर्थी) की ओर से सिमरन चाँदरानी, दिव्यांशी शर्मा एवं प्रेरणा रजक ने अपने तर्क रखे। दोनों टीमों को 30-30 मिनट का समय प्रदान किया गया, जिसमें उन्होंने विधिक प्रावधानों व न्यायिक दृष्टांतों के आधार पर अपना पक्ष रखा। समापन समारोह दोपहर 3 से 4:30 बजे तक आयोजित हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सदस्य एवं लगभग 250 छात्राएँ उपस्थित रहीं।
परिणाम
प्रतियोगिता में टीम कोड-12 विजेता एवं टीम कोड-03 उपविजेता रही।
बेस्ट रिसर्चर का पुरस्कार प्रेरणा रजक को मिला।
बेस्ट स्पीकर के रूप में सिमरन चाँदरानी एवं वैष्णवी पाराशर को सम्मानित किया गया।
बेस्ट मेमोरियल का पुरस्कार वैष्णवी पाराशर, वैष्णवी दुबौलिया एवं अंकिता मेहता को प्रदान किया गया।
आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन
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