Trump, ईरान से युद्ध खत्म होने का ऐलान जनता को गुमराह और पैसे कमाने के लिए कर रहे
- समझौता भी असली नहीं निकला, अमेरिकी सीनेटर मर्फी ने संसद में ट्रंप पर लगाए आरोप
वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान युद्ध को लेकर महीनों से अमेरिकी लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मर्फी ने कहा कि ट्रंप बार-बार यह कहते रहे कि ईरान युद्ध पर समझौता बस होने वाला है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मर्फी के मुताबिक इन ऐलानों का इस्तेमाल बाजार को प्रभावित करने के लिए किया गया, ताकि ट्रंप के दोस्त और परिवार इससे फायदा उठा सकें। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीनेटर मर्फी ने राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया 100,000 अमेरिकी डॉलर महीने वाले सब्सक्रिप्शन का भी जिक्र किया, जिसके तहत ट्रंप की ट्रुथ सोशल पोस्ट पहले से देखने की बात कही गई। रिपोर्ट के मुताबिक मर्फी ने कहा कि ट्रंप की पूरी रणनीति लोगों को गुमराह करने और झूठ बोलने पर टिकी है। मर्फी ने कहा कि लोगों से कहा जाता है कि चिंता मत कीजिए, भले ही अंत नहीं दिख रहा हो, भले ही कीमतें चुकानी पड़ रही हों, भले ही अमेरिका के पास कोई साफ रास्ता नहीं दिख रहा हो, लेकिन युद्ध बस खत्म होने वाला है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के ऐसे दावों में एक साफ पैटर्न दिखता है। मर्फी के मुताबिक व्हाइट हाउस जनता से इस युद्ध की असली स्थिति पर सीधी बात नहीं कर रहा। ट्रंप आमतौर पर रविवार रात या सोमवार सुबह बाजार खुलने से ठीक पहले, यह घोषणा करते हैं कि युद्ध अब खत्म होने वाला है। उन्होंने कहा कि अब जबकि इस युद्ध को 6 महीने हो चुके हैं, पैटर्न साफ दिख रहा है।
मर्फी के मुताबिक ट्रंप के युद्धविराम वाले ऐलान अचानक नहीं होते, बल्कि पैसे कमाने की एक सोची-समझी योजना है। उन्होंने कहा कि करीब एक हफ्ता पहले ट्रंप ने घोषणा की थी कि अगर कोई उन्हें 100,000 डॉलर महीना दे, तो उसे अमेरिकी विदेश नीति के फैसलों की पहले से जानकारी दी जाएगी। मर्फी ने इसे इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए सब्सक्रिप्शन सेवा बताया और कहा कि यह बिना किसी शक के बहुत फायदे का सौदा है। उन्होंने अपने रिपब्लिकन साथियों पर भी निशाना साधा।मर्फी ने ट्रंप के ईरान युद्ध को तुरंत और सचमुच खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जून में हुए युद्धविराम से उन्हें खुशी तो हुई थी, लेकिन शर्तें देखकर उन्हें लग गया था कि यह टिकने वाला नहीं है। उनके मुताबिक वह कोई असली समझौता नहीं था, फिर भी अब बहुत से लोग किसी भी समझौते के समर्थन को तैयार हैं। मर्फी ने कहा कि ऐसा समझौता अपमानजनक होगा और उसमें ईरान असल में अपनी जीत का दावा करेगा, लेकिन इसके बावजूद यह युद्ध एक आपदा है।
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