पेट्रोल-डीजल की किल्लत के चलते Pakistan में खड़े हो गए 4 लाख वाहन
- 500 से ज्यादा रैलियां, विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम से हालात बिगड़े
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शुक्रवार से शुरू हुआ प्रदर्शन शनिवार को ट्रांसपोर्टरों की देशव्यापी हड़ताल में बदल गया, जो रविवार को भी जारी रही। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने चेतावनी दी है कि 12 अगस्त की सुबह से ट्रकों, बसों और अंतर-शहरी परिवहन सेवाओं को पूरी तरह रोक दिया जाएगा। इससे देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आवाजाही पर असर पड़ने की आशंका है। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 335 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ दो दिनों में देशभर में 500 से ज्यादा रैलियां, विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम किए जाने का दावा किया गया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। ऑल पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स फेडरेशन और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स ने संयुक्त रूप से हड़ताल का ऐलान किया है। ट्रांसपोर्टरों का विरोध पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए 70 से 80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक के पेट्रोलियम लेवी के अलावा टोल शुल्क को लेकर भी है। उनका कहना है कि बढ़ते टैक्स और परिचालन खर्च के कारण परिवहन कारोबार करना मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्टर्स अलायंस के अध्यक्ष निसार हुसैन जाफरी के मुताबिक, ट्रांसपोर्टरों की कई मांगें हैं। इनमें सरकार की ओर से लागू किया गया रोजाना ईंधन मूल्य निर्धारण सिस्टम भी शामिल है। यूनियन का कहना है कि सोमवार को सरकार के साथ बातचीत के बाद हड़ताल आगे जारी रखने या खत्म करने पर फैसला किया जाएगा।
हड़ताल के चलते करीब चार लाख मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। माल ट्रांसपोर्टरों और तेल टैंकर ऑपरेटरों की हड़ताल लंबी खिंचती है तो पेट्रोलियम उत्पादों के साथ जरूरी सामान की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। ईंधन की कीमतों में इससे पहले भी भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। अप्रैल में पेट्रोल 459 पाकिस्तानी रुपये और डीजल 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था। डीजल की महंगाई पाकिस्तान के लिए विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा सड़क परिवहन पर निर्भर है। इस बीच जमात-ए-इस्लामी ने 16 अगस्त को चारों प्रांतीय राजधानियों में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। लगातार बढ़ते विरोध के बीच सरकार पर ईंधन की कीमतों और पेट्रोलियम लेवी को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।
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