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UAE ने हजारों पाकिस्तानी कामगारों को अचानक गिरफ्तार कर वापस भेजा

UAE ने हजारों पाकिस्तानी कामगारों को अचानक गिरफ्तार कर वापस भेजा

बैंक खाते किए सीज, सिर्फ दो कपड़ों में लौटे -ईरान मुद्दे पर पाक के स्टैंड से है नाराज

रियाद। संयुक्त अरब अमीरात ने हाल ही में हजारों पाकिस्तानी कामगारों को अचानक गिरफ्तार कर वापस भेज दिया है। इनमें से कई शिया मुस्लिम बताए जा रहे हैं। यह घटना पाकिस्तान की ओर से अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के तुरंत बाद हुई। निर्वासित कामगारों ने बताया कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के गिरफ्तार किया गया, कठिन परिस्थितियों में रखा गया, उनके बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए और उन्हें देश से बाहर कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के शिया धार्मिक नेता मोहम्मद अमीन शहीदी ने कहा कि अप्रैल के मध्य से अब तक करीब 5,000 शिया परिवार प्रभावित हुए हैं। मीडिया संस्थाओं ने 20 से ज्यादा प्रभावित कामगारों से बात की। सभी ने बताया कि उन्हें अचानक पकड़ा गया, मोबाइल फोन छीन लिए गए और हिरासत केंद्रों से सीधे पाकिस्तान भेज दिया गया। कई लोगों को केवल कपड़ों के साथ वापस भेजा। उनके सालों की कमाई वाले बैंक खाते बंद कर दिए गए, जिससे वे खाली हाथ लौटे। बता दें यूएई में करीब 20 लाख पाकिस्तानी काम करते हैं। वे हर साल पाकिस्तान को अरबों डॉलर की रेमिटेंस भेजते हैं। पिछले साल यूएई से अकेले 8 अरब डॉलर से ज्यादा रेमिटेंस आई। यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी मदद है। अगर हजारों लोग अचानक वापस आ जाते हैं तो उनके परिवारों पर संकट आ जाएगा। वे बेरोजगारी, कर्ज और आर्थिक परेशानी का सामना करेंगे। कामगारों की कहानियां दुख भरी हैं।

कई लोग दशकों से यूएई में निर्माण, ड्राइविंग और अन्य काम करके परिवार चलाते थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें खराब भोजन और भीड़ भरी जगहों पर रखा गया। कोई स्पष्ट आरोप नहीं लगाया गया। कुछ लोगों का कहना है कि शिया नाम वाले लोगों को ज्यादा टारगेट किया गया। पाकिस्तान ने ईरान के साथ अच्छे संबंध रखे हैं, जबकि यूएई ईरान से सतर्क रहता है। पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम में मध्यस्थता करने के बाद यह तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने बड़े पैमाने पर निर्वासन की खबरों से इनकार किया है। आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि जो भी निर्वासन हुए वे वीजा उल्लंघन या अन्य नियमों के कारण हैं, न कि किसी धर्म या देश विशेष के खिलाफ लेकिन प्रभावित परिवार और नेता इसे संगठित अभियान मान रहे हैं। यह मुद्दा पाकिस्तान-यूएई संबंधों पर सवाल उठाता है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन सऊदी के साथ पाकिस्तान के पैक्ट और ईरान मुद्दे पर पाकिस्तान के स्टैंड से यूएई नाराज है। उसने पाकिस्तान को दिए हुए कर्ज की रकम भी वापस मांग ली थी। तब से ही दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हो चुके हैं।

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