वैभव अभी अपने अवसरों का इंतजार करें : Gambhir
- सैमसन जैसे खिलाड़ी को बाहर नहीं रखा जा सकता
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में भी शानदर जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप किया है। उभरते हुए बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में भी अवसर नहीं मिला और संजू सैमसन ही अभिषेक के साथ पारी शुरु करने उतरे। इसी को लेकर टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि सैमसन जैसे खिलाड़ी को बाहर रखना संभव नहीं था। इसलिए वैभव को अभी इंतजार करना होगा। गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड दौरे में वहीं अनुभवी सैमसन को टीम से बाहर रखने के फैसले को अपने कोचिंग करियर का सबसे कठिन निर्णय बताया।
गंभीर ने सैमसन की प्रतिभा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि उसकी प्रतिभा ही उसे प्रभावित करने के लिए पर्याप्त है। उसने अपनी क्षमता सिद्ध की है। कोई भी खिलाड़ी विश्व कप में बिना विलक्षण प्रतिभा के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट नहीं बनता। गंभीर ने साथ ही कहा कि सैमसन को इंग्लैंड सीरीज से बाहर रखने का फैसला उनके कोचिंग करियर का सबसे कठिन निर्णय था।वैभव ने हाल ही में जिम्बाब्वे सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था और वहां प्लेयर ऑफ द सीरीज भी रहे थे। ऐसे में कई लोगों को उम्मीद थी कि अफगानिस्तान सीरीज में वह अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत करेंगे। हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन ने सैमसन और अभिषेक की स्थापित शुरुआती जोड़ी पर अपना भरोसा कायम रखा। कोच गंभीर ने इस निर्णय को समझाते हुए कहा, मैं हमेशा से अपने नजरिए से बहुत साफ था कि हम विश्व कप के दौरान हमारे पास जो संयोजन था, उसी के साथ वापस जाना चाहते हैं क्योंकि वे खिलाड़ी, तीन या चार बार असफल होने के बाद बुरे खिलाड़ी नहीं बन जाते।
अभिषेक और सैमसन दोनों बल्लेबाजों ने भारत को सीरीज जिताने में अहम योगदान दिया। दोनों ने मिलकर कुल 346 रन जोड़े। अभिषेक ने तीन पारियों में एक शतक और एक अर्धशतक लगाया, जबकि सैमसन ने दो अर्धशतकीय पारियां खेलीं।गंभीर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, हम जिस तरह का क्रिकेट खेलते हैं, अगर कोई टीम एक विश्व कप से दूसरे विश्व कप तक बिना हारे रही है और विश्व कप जीती है, तो मेरा मनाना है कि वह एक बेहतरीन टीम है। एक या दो सीरीज के बाद यह खराब टीम नहीं बन जाती और ये खिलाड़ी दो या तीन असफलता के बाद खराब खिलाड़ी नहीं बन सकते।वैभव के भविष्य को लेकर गंभीर ने स्पष्ट किया, उन्हें साफ-साफ बताया गया था कि वह कहां है, और भारत के लिए खेलने की दौड़ में उम्र कोई मायने नहीं रखती। हम जानते हैं कि उसमें किस तरह की प्रतिभा है और वह क्या कर सकता है। लेकिन, उसे अपने अवसर का इंतजार करना होगा और कड़ी मेहनत करते रहना होगा।
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