उम्र बढने के साथ प्यार कम नहीं बल्कि गहरा होता है : Saurabh Shukla
मुंबई। उम्र के साथ प्यार कम नहीं होता, बल्कि वह और भी गहरा, खूबसूरत हो जाता है। यह कहना है बॉलीवुड अभिनेता और फिल्ममेकर सौरभ शुक्ला का। सौरभ की नई फिल्म जब खुली किताब इसी विचार को केंद्र में रखकर बनी है, जिसमें एक बुजुर्ग दंपति की खुशहाल शादी की कहानी दिखाई गई है। बीते दिनों जी5 पर रिलीज फिल्म में गोपाल और अनुसूया नामक एक बुजुर्ग जोड़े की जिंदगी की कहानी दिखाई गई है, जो सालों से साथ निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी में दिखाया गया है कि सब कुछ सेटल लगता है, लेकिन अचानक एक पुराना राज खुलने से उनके रिश्ते में उथल-पुथल मच जाती है। इस दौरान प्यार, लंबे समय का साथ, माफी और एक-दूसरे को फिर से समझने की कोशिश की भावनाएं दिल को छू लेती हैं। कहानी में कॉमेडी के साथ-साथ भावुक पल भी हैं। अभिनेता सौरभ शुक्ला ने बताया कि फिल्म बढ़ती उम्र में रोमांस और साथ रहने के विषय को खूबसूरती से दिखाती है, जो हिंदी सिनेमा में अभी भी बहुत कम देखने को मिलता है।
स्क्रिप्ट लिखते समय कई लोगों ने उनसे पूछा था कि क्या युवा दर्शक बुजुर्ग कपल की कहानी पसंद करेंगे? लेकिन सौरभ को इस पर कभी शक नहीं हुआ। उन्होंने बताया, “फिल्म में उम्रदराज कपल बाहर से भले ही बड़े लगें, लेकिन मन से वे जवान हैं। जब कोई भावनात्मक बदलाव आता है, तो उनकी युवा दिनों की भावनाएं फिर जाग उठती हैं। वे बच्चों की तरह लड़ते हैं, एक्सप्रेस करते हैं और इमोशंस बाहर निकालते हैं। ऐसे में यंगस्टर्स भी इस कहानी के साथ आसानी से जुड़ सकते हैं, क्योंकि यह दो बूढ़े दिखने वाले युवा दिलों की कहानी है।” सौरभ ने आगे कहा, सिनेमा में प्यार को ज्यादातर जवानी से जोड़ा जाता है। युवावस्था में प्यार ज्यादा फिजिकल और हार्मोनल होता है, जिसमें एक्साइटमेंट, जल्दबाजी और शारीरिक आकर्षण ज्यादा रहता है। लेकिन प्यार कभी खत्म नहीं होता। हम प्यार करना कभी बंद नहीं करते।
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