Adani ने विझिनजम पोर्ट में बेची 49 प्रतिशत हिस्सेदारी, शेयर में उछाल
मुंबई। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) ने केरल स्थित विझिनजम पोर्ट प्रोजेक्ट में अपनी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (टीआईएल) को 1.397 अरब डालर में बेचने का समझौता किया है। यह डील एसेट के 2.85 अरब डालर के मूल्यांकन पर आधारित है। टीआईएल, जो मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) की टर्मिनल चलाने वाली शाखा है, इस अधिग्रहण के साथ भारतीय पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे बड़ा विदेशी निजी निवेश कर रही है। इस सौदे के बाद भी, एपीएसईजेड विझिनजम पोर्ट में 51प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेगा, बोर्ड पर उसका नियंत्रण रहेगा और वह इस अपनी सहायक कंपनी के रूप में ही रखेगा। यह एपीएसईजेड और टीआईएल के बीच मुंद्रा और एन्नोर कंटेनर टर्मिनलों में उनके सफल जॉइंट वेंचर के बाद तीसरा बड़ा सहयोग है। इस महत्वपूर्ण खबर के बीच, मंगलवार को अडानी पोर्ट्स के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन कंपनी का शेयर 2 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 1,815.80 रुपये तक पहुंच गया, जो इसके 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर 1,857.60 रुपये के करीब है।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ, अश्विनी गुप्ता ने बताया कि विझिनजम पोर्ट एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में उभरा है और संचालन शुरू होने के मात्र 18 महीनों में 20 लाख ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (टीईयूएस) का माल संभालने वाला भारत का पहला बंदरगाह बन गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीआईएल, जो दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर टर्मिनल परिचालकों में से एक है, के साथ यह साझेदारी कार्गो विजिबिलिटी को बेहतर करेगी, ट्रांसशिपमेंट वॉल्यूम बढ़ाएगी और पूर्वी अफ्रीकी तथा बांग्लादेश के व्यापार मार्गों तक पहुंच को मजबूत करेगी। विझिनजम भारत का पहला डीप-ड्राफ्ट ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, जिसकी सालाना हैंडलिंग क्षमता 1.6 मिलियन टीईयूएस है। यह पोर्ट यूरोप, फारस की खाड़ी और सुदूर पूर्व को जोड़ने वाले पूर्व-पश्चिम समुद्री मार्ग से रणनीतिक रूप से केवल 10 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है। दिसंबर 2028 तक इसके विस्तार के बाद, पोर्ट की क्षमता 3.5 गुना बढ़कर 5.7 मिलियन टीईयूएस हो जाएगी।
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