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  • Thursday, 10 September 2026
Japan के बाद अब नेपाल ने भारतीय आमों पर लगाया बैन, निर्यातक परेशान

Japan के बाद अब नेपाल ने भारतीय आमों पर लगाया बैन, निर्यातक परेशान

खेपों की जांच में कीटनाशकों के अवशेष तय सुरक्षा सीमा से ज्यादा पाए गए

काठमांडू। दुनियाभर में मशहूर भारतीय आम अब विदेशी बाजारों में जांच के घेरे में आ गए हैं। जापान के बाद अब नेपाल ने भी भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगा दिया है। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक क्वारंटीन जांच के दौरान कुछ खेपों में कीटनाशकों के अवशेष निर्धारित सुरक्षा सीमा से ज्यादा पाए गए, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। इससे पहले जापान ने भी 20 साल बाद भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल के खाद्य सुरक्षा और क्वारंटीन अधिकारियों का कहना है कि हाल की जांच में कुछ आयातित आमों में कीटनाशक अवशेष अनुमत सीमा से ज्यादा पाए गए हैं। इसके चलते अधिकारियों ने सीमा चौकियों पर जांच बढ़ा दी है। सख्ती से मानकों को लागू करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। प्रतिबंध लागू होने से पहले करीब 15.8 मीट्रिक टन आम करीब 10 लाख नेपाली रुपए मूल्य की खेप आधिकारिक सीमा चौकियों के जरिए नेपाल पहुंच चुकी थी। अब नई खेपों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है, जब तक कि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर संतोषजनक स्थिति नहीं बन जाती। नेपाली अधिकारियों ने साफ किया है कि यह फैसला भारत-नेपाल व्यापार संबंधों को प्रभावित करने के उद्देश्य से नहीं लिया गया है। उनके मुताबिक यह एक नियामक कदम है, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और आयातित फलों की गुणवत्ता की निगरानी करना है।

अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में सभी आयातित फलों की जांच और ज्यादा सख्ती से की जाएगी। नेपाल भारतीय फलों और सब्जियों का एक अहम बाजार है। ऐसे में आमों के आयात पर लगी अस्थायी रोक भारतीय निर्यातकों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन तय हो जाता है तो प्रतिबंध हटाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक अवशिष्ट की अधिकतम सीमा यानी किसी खाद्य उत्पाद में कीटनाशक अवशेषों की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा होती है। यदि किसी फल या सब्जी में यह मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई जाती है, तो उसे स्वास्थ्य के लिए संभावित जोखिम माना जा सकता है और संबंधित देश आयात पर रोक या अतिरिक्त जांच लागू कर सकता है। नेपाल के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आगे की जांच और परीक्षण के बाद ही यह तय होगा कि भारतीय आमों के आयात पर लगी रोक कब तक जारी रहेगी।

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