Dark Mode
  • Thursday, 16 April 2026
America ने होर्मुज पर किया कब्जा, 10 जहाजों को खदेड़कर कहा- एक को भी नहीं देंगे रास्ता

America ने होर्मुज पर किया कब्जा, 10 जहाजों को खदेड़कर कहा- एक को भी नहीं देंगे रास्ता

वॉशिंगटन। अमेरिका की दादागीरी को विरोध करने की हिम्मत कोई देश नहीं जुटा पा रहा है। शायद यही कारण है कि उसने पूरे होर्मुज को घेर लिया है और किसी के जहाजों को नहीं निकलने दे रहा है। ऐसे ही 10 जहाजों को अमेरिकी सैनिकों ने खदेड़ दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसकी नौसेना ने होर्मुज जलमार्ग पर लागू नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे एक ईरानी ध्वज वाले कार्गो जहाज को जबरन वापस लौटा दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब उक्त जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों और सुरक्षा घेरे को चकमा देकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा था। अमेरिकी नौसेना के अत्याधुनिक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर ने इस जहाज को इंटरसेप्ट किया और उसे बंदर अब्बास की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया। अमेरिका का दावा है कि इस सख्त नाकेबंदी के लागू होने के बाद से अब तक 10 जहाजों को वापस भेजा जा चुका है और अभी तक एक भी जहाज इस अभेद्य घेराबंदी को तोड़ने में सफल नहीं रहा है। महज 36 घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान के समुद्री व्यापार को लगभग ठप कर देने का दावा किया है। हालांकि, इस नाकेबंदी के बीच समुद्र में शैडो फ्लीट यानी उन जहाजों का खेल भी तेज हो गया है जो अपनी पहचान छिपाकर व्यापार करते हैं। ईरान, रूस और वेनेजुएला से जुड़े ये जहाज अक्सर अपना ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं ताकि रडार की नजरों से बच सकें।

हाल ही में रिच स्टारी नामक एक चीनी टैंकर ने 10 दिनों तक अपनी लोकेशन छिपाए रखी और फर्जी सिग्नल भेजता रहा, लेकिन अमेरिकी मुस्तैदी के कारण उसे भी अंततः यू-टर्न लेना पड़ा। जानकारों के मुताबिक, ईरान के पास करीब 600 से अधिक ऐसे जहाजों का नेटवर्क है जो तेल ढोने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ये जहाज अक्सर समुद्र के बीच में ही एक-दूसरे को तेल ट्रांसफर करते हैं। इस जटिल नेटवर्क को तोड़ने के लिए अमेरिका ने क्षेत्र में 15 से अधिक युद्धपोतों के साथ ड्रोन और सैटेलाइट्स का जाल बिछा दिया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य सभी जहाजों को रोकना नहीं, बल्कि विशेष रूप से उन जहाजों को निशाना बनाना है जो सीधे तौर पर ईरानी बंदरगाहों और उनकी अर्थव्यवस्था को सहयोग दे रहे हैं। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि अमेरिका ने फिलहाल समुद्र पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, लेकिन इतने विशाल और व्यस्त समुद्री मार्ग को लंबे समय तक पूरी तरह नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!