Bank of Baroda पर करोड़ों के फर्जीवाड़े में साठगांठ का आरोप
नई दिल्ली। एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप और यूएई एक्सचेंज के संस्थापक बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में 15 अरब डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) के मुआवजे का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने बीओबी पर अपनी कंपनियों से जुड़े 15 अरब डॉलर के फ्रॉड में मदद करने और फर्जी हस्ताक्षरों व दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के लोन जारी करने का गंभीर आरोप लगाया है। शेट्टी की याचिका के अनुसार, 2019 तक बीओबी एनएमसी का मुख्य बैंकर था, जिसने सिर्फ लेन-देन नहीं किए, बल्कि एक सिस्टमैटिक मैकेनिज्म के रूप में फंड में हेराफेरी की।
आरोप है कि बैंक की मिलीभगत से एनएमसी का पैसा अवैध तरीके से कंपनी के पूर्व सीईओ प्रशांत मंगात, उनके भाई प्रमोट मंगात और उनकी नियंत्रित शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। उन्होंने दावा किया कि बैंक ने उनकी अनुमति के बिना 2017-19 के बीच उनके नाम पर नेशनल बैंक ऑफ फुजैराह (एनबीएफ) में दो फर्जी खाते खोले, जिनका उपयोग अवैध निकासी के लिए हुआ। बैंक पर आरोपितों को फर्जी लेनदेन को ऑन पेपर वैध दिखाने की ट्रेनिंग देने का भी आरोप है। शेट्टी ने बीओबी के साथ 25 पूर्व कर्मचारियों को भी इस धोखाधड़ी में शामिल बताया है। शेट्टी का कहना है कि 2020 में धोखाधड़ी सामने आने पर, बैंक ने अपनी गलतियों को छिपाने के लिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान हुआ। इसी मानहानि और सद्भावना के नुकसान के एवज में उन्होंने बैंक से 5 अरब डॉलर (लगभग 48,000 करोड़ रुपये) का मुआवजा मांगा है।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!