China का सपनों का शहर.....अब बन गया घोस्ट टाउन
बीजिंग। चीन ने योजना के तहत समुद्र के किनारे सभी सुविधाओं वाले एक आधुनिक शहर को बनाया जिसमें हाईराइज बिल्डिंग्स, मॉल-आफिस, वॉटर पार्क, होटल्स-बार-रेस्टोरेंट्स सब शामिल है। इस खास शहर में हरियाली का भी ध्यान रखा गया और इस शहर को फॉरेस्ट सिटी का नाम दिया गया था। इन तमाम सुविधाओं के बावजूद यहां कोई भी रहने के लिए नहीं आया और यह पूरा शहर वीरान पड़ा हुआ है।
अब इस सर्वसुविधा वाले शहर को चीन का घोस्ट टाउन कहा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार फॉरेस्ट सिटी में एक नया कॉन्सेप्ट लाया गया था और यहां 10 लाख लोगों को बसाया जाने की योजना थी। इसके लिए 1370 हेक्टेयर एरिया में कई बड़ी-बड़ी इमारतें बनाई गईं थीं। दरअसल शहर कोरोना महामारी के कारण बस नहीं सका। दरअसल चीन ने मलेशिया को एक खूबसूरत शहर जिसमें फॉरेस्ट जैसा वातावरण होता, का सपना दिखाया था। चीन का दावा था कि तमाम आधुनिक सुविधाओं के बावजूद यहां भरपूर पेड़-पौधों को लगाया जाएगा और प्रदूषण की रोकथाम के उपाय होगा। तरोताजा हवा और लोगों की सेहत की ध्यान रखते हुए कई पार्क, वॉटर पार्क आदि को बनाया गया है। इस लेकर 2016 से काम शुरू हो गया था और इस बेल्ट एंड रोड एनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत प्रोजेक्ट किया गया था। इस नए शहर को चीन की एक कंपनी कंट्री गार्डन इस प्रोजेक्ट पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुकी है।
हालांकि 2016 से यहां निर्माण शुरू हुआ था और केवल 3 साल बाद कोरोना महामारी फैल गई थी। इसका सीधा असर क्लुआंग जोहोन में बनने वाले शहर पर भी पड़ा। यहां पहले काम की रफ्तार कम हुई और फिर पूरा काम ही रोक दिया गया। कोरोना के कारण कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और वह कई करोड़ के घाटे में आ गई। फिलहाल प्रोजेक्ट बंद है और 15 प्रतिशत काम हो सका है। यहां लगभग वीरानी ही रहती है। कहीं कोई दिख जाए तब दिख जाए वरना होटल, पार्क, स्कूल, कॉलेज, बस स्टॉप और यहां तक सड़कों पर कभी कोई दिख जाता है।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!