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  • Saturday, 22 August 2026
Imran Khan के इलाज को लेकर गहराया विवाद, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच हुआ सरकारी नाटक

Imran Khan के इलाज को लेकर गहराया विवाद, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच हुआ सरकारी नाटक

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान की बिगड़ती सेहत ने उनके समर्थकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अगस्त 2023 से जेल में बंद 73 वर्षीय खान की दाहिनी आंख में गंभीर समस्या और असामान्य रूप से बढ़े रक्तचाप से उनकी जान को खतरा है। इस नाजुक दौर में, उनकी जान बचाने की जिम्मेदारी उनके बेहद भरोसेमंद निजी डॉक्टर आसिम यूसुफ और उनकी विशेषज्ञ मेडिकल टीम के कंधों पर है। हाल ही में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदियाला जेल में बंद इमरान खान को इलाज के लिए इस्लामाबाद के निजी अस्पताल ‘शिफा इंटरनेशनल’ में स्थानांतरित करने का सख्त आदेश दिया था। हालांकि, इसके बाद जो घटनाक्रम हुआ, वह किसी नाटक से कम नहीं था, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया।


डॉ. आसिम यूसुफ, इमरान खान के सिर्फ चिकित्सक ही नहीं, बल्कि दशकों पुराने करीबी और भरोसेमंद साथी हैं। वे ‘शौकत खानम मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर’ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) हैं और दिसंबर 1994 से इस अस्पताल नेटवर्क से जुड़े हैं। उन्होंने इसके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेल में बंद होने के बाद से डॉ. आसिम ही इमरान खान की स्वास्थ्य रिपोर्ट सार्वजनिक करते आए हैं। इस विश्वसनीय मेडिकल टीम में डॉ. आसिम यूसुफ के अलावा डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. समीना नियाज़ी जैसे वरिष्ठ निजी चिकित्सक भी शामिल हैं। जब भी इमरान खान की सेहत बिगड़ती है, यही टीम उनकी जांच की मांग को लेकर सक्रिय होती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार रात शिफा अस्पताल के बाहर मीडिया और समर्थकों का भारी हुजूम जमा हो गया था। पुलिस ने अस्पताल के आसपास कड़ी घेराबंदी कर ऐसा माहौल बनाया जैसे इमरान खान बस पहुंचने ही वाले हैं। हालांकि, इसके विपरीत, इमरान खान के डॉक्टर फैसल सुल्तान को देर रात शिफा अस्पताल ले जाकर बताया गया कि इमरान खान जल्द आ रहे हैं। डॉक्टर तीन घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन सुबह 4:30 बजे उन्हें अचानक सूचित किया गया कि इमरान खान वहां नहीं आएंगे और उन्हें वापस आदियाला जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, इमरान खान की बहन उज्मा खानम को चुपके से सरकारी अस्पताल ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (पीआईएमएस) ले जाया गया। उज्मा खानम ने आंखों में आंसू लिए बताया कि 10 महीने बाद जब वह अपने भाई से मिलीं, तो इमरान खान भी हैरान रह गए।

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