Dark Mode
कान्स में Disha का दिखा जलवा, भारतीय जड़ों और क्षेत्रीय कला को किया पेश

कान्स में Disha का दिखा जलवा, भारतीय जड़ों और क्षेत्रीय कला को किया पेश

कई रंगों की बुनी साड़ियों को एक स्टाइलिश मरमेड-कट ड्रेस में बदल दिया

नई दिल्ली। फ्रांस के मशहूर कान्स फिल्म फेस्टिवल में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा मदान ने दूसरे साल शिरकत की। ब्रूट एक्स नेस्प्रेस्सो रेड कार्पेट पर कदम रखते ही उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इस बार उनका लुक पूरी तरह से भारतीय जड़ों और हमारी क्षेत्रीय कला को विश्व स्तर पर एक नए और आधुनिक अंदाज में पेश करने वाला था, जिसने हर किसी का मन मोह लिया। दिशा की इस खूबसूरत ड्रेस को बेंगलुरु के फैशन लेबल निहारिका विवेक ने डिजाइन किया था। इस आउटफिट की सबसे बड़ी खासियत इसका टिकाऊपन और विरासत को सहेजने का तरीका है। इसे दो पुरानी, हाथ से बुनी गई विंटेज सिल्क साड़ियों को नया रूप देकर तैयार किया गया। सुनहरे जरी के बॉर्डर और कई रंगों की बुनाई वाली इन साड़ियों को एक स्टाइलिश मरमेड-कट ड्रेस में बदल दिया। इस ड्रेस में हॉल्टर-नेकलाइन, कमर पर एक अट्रैक्टिव कॉर्सेट और नीचे एक लंबी स्कर्ट थी, जो इसे एक बेहद मॉर्डन लुक दे रही थी। यह परिधान केवल एक ड्रेस नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय संस्कृति का एक जीवंत उदाहरण है। इसका डिजाइन मुख्य रूप से साउथ इंडियन मंदिरों की नक्काशी और नारी शक्ति की झलक पेश करता है। इसे तैयार करने में महिला कारीगरों ने 2,500 घंटों से ज्यादा समय तक कड़ी मेहनत की है।

इस ड्रेस पर बंजारा कसूती की बेहद बारीक और खूबसूरत कढ़ाई की गई है। डिजाइनरों ने इस बात का पूरा ध्यान रखा कि पुरानी साड़ियों की असली पहचान भी बरकरार रहे और ड्रेस में एक नयापन भी दिखे। अपने इस खास पहनावे को दिशा ने शाही अंदाज में कैरी किया। उन्होंने एक लंबी गूंथी हुई चोटी बनाई थी, जिसे दक्षिण भारतीय पारंपरिक आभूषणों से सजाया गया था। इन सोने जैसे दिखने वाले विंटेज गहनों में लाल और हरे रंग के पत्थर जड़े थे, जो उनके बालों में बेहद खूबसूरत लग रहे थे। उन्होंने गले में एक भारी सोने का स्टेटमेंट हार, बड़े झूमर जैसे इयररिंग्स, इयर कफ्स, हाथों में कई अंगूठियां और एक प्यारी-सी नथनी पहनी थी। अपने इस लुक को लेकर दिशा ने एक बहुत ही प्रेरणादायक बात रखी। उन्होंने कहा कि कान्स उनके लिए कभी भी केवल फैशन का दिखावा नहीं रहा है, बल्कि यह अपनी जड़ों को दुनिया के सामने रखने का एक मौका है। उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह दक्षिण भारतीय कला और विरासत को इस ग्लोबल मंच पर ला सकीं। दिशा का मानना है कि ऐतिहासिक साड़ियों को इस तरह से एक आधुनिक, वैश्विक और शक्तिशाली अंदाज में पेश करना उनके लिए एक बहुत ही खास अनुभव रहा।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!