Malviya Nagar होटल अग्निकांड में उजड़ गया पूरा परिवार, 7 विदेशी सहित 21 की मौत
- हौज रानी के जांबाजों ने जान पर खेल कर बचाई कई की जान
- बेसमेंट में फंसे लोगों को शटर तोड़कर निकाला, दुकान के बिछा दिए गद्दे-रजियां
नई दिल्ली। दिल्ली के अग्निकांड ने एक ही परिवार के 7 लोगों को निगल लिया। गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी एक ही परिवार के सात सदस्यों समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई है। आग की चपेट में आने से सभी जिंदा जल गए। वहीं इस अग्निकांड की दूसरी तस्वीर भी सामने आई, जिसमें जांबाज लोगों ने अपनी जान की पर्वाह किए बिना अनेक जिंदगियां बचाईं। मालवीय नगर का होटल आग के शोलों और दम घोंटते काले धुएं की कालकोठरी बन चुका था, तब कुछ लोग वर्दी में नहीं, बल्कि फ़रिश्तों के रूप में सामने आए। जहां आग की लपटें जिंदगियां छीन रही थीं, वहीं हौज रानी के इन जांबाजों ने अपनी सांसें दांव पर लगाकर दूसरों की धड़कनें वापस खींच लीं। मालवीय नगर अग्निकांड में मोहम्मद शोएब, इसरार खान और उनके साथियों ने अपनी जान जोखिम में डाल कई लोगों को आग से बचाया। सीपीआर देकर लोगों को होश में लाए, जबकि बेसमेंट में फंसे लोगों को शटर तोड़कर बाहर निकाला। वहीं इस हादसे में एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक होटल का बेसमेंट उस वक्त किसी लोहे के पिंजरे जैसा था। बाहर निकलने का एकमात्र रास्ते पर शटर और जाल का पहरा था। भीतर फंसे लोग लोहे की सलाखों के पीछे खड़े होकर मौत को अपनी ओर आता देख रहे थे, तभी इसरार खान और उनके साथियों की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों को बचाने कूद पड़े और पूरी ताकत से शटर को उखाड़ फेंका। वहां से सात लोगों को बाहर निकाला, जिनमें तीन विदेशी नागरिक बेसुध पड़े थे। वसीम राजा जो मैक्स अस्पताल में काम करते हैं, उनके अनुभव ने यहां संजीवनी का काम किया। उन्होंने अपनी डॉक्टरी समझ और जज्बे से उन बेहोश विदेशी नागरिकों को तब तक हार नहीं मानने दी, जब तक उनकी सांसें वापस नहीं लौट आईं। थर्ड फ्लोर पर मोहम्मद शोएब को एक विदेशी जोड़ा मिला, जो मौत को बहुत करीब से देख रहा था।
उन दोनों ने कमरे के फर्श पर लेटकर खुद को धुएं के गुबार से बचाए रखा। शोएब जब वहां पहुंचे तो उनकी घबराई हुई आंखों में जिंदगी की चमक फिर से लौट आई। शोएब ने दोनों पकड़कर कमरे से बाहर निकाला। वहीं होटल के सामने कंबल-गद्दे की दुकान चलाने वाले अरमान ने दुकान से सभी नए गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दीं। अरमान ने कहा कि होटल की ऊपरी मंजिल से कई लोग इन्हीं गद्दों पर गिरे, जिससे उनकी जान बचा बच सकी। अफजल, शाहरुख, अनीस, आमिर और वसीम ने लोगों को निकालने में मदद की। कम से कम 10 लोगों को सीपीआर दी। होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर स्थित उस होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इससे पहले बजाज और उसकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी। होटल बिना एनओसी के चल रहा था। इस आग में कम से कम 21 लोग मारे गए, जिनमें 10 भारतीय, नौ अफ्रीकी नागरिक और तुर्कमेनिस्तान के दो नागरिक शामिल है। आग लगने के बाद कम से कम 58 लोगों को इमारत से निकाला गया और उन्हें अस्पतालों ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस होटल से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। अग्निकांड में उजड़ गया पूरा परिवार भीषण होटल अग्निकांड ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी एक ही परिवार के सात सदस्यों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई। आग की चपेट में आने से सभी जिंदा जल गए। विवेक अग्रवाल अपने परिवार के साथ मैक्स अस्पताल में भर्ती अपने पिता का हालचाल जानने गए थे। अस्पताल में कुछ दिनों से उनके पिता का इलाज चल रहा था। पूरा परिवार दिल्ली में एक होटल में ठहरा हुआ था, जहां भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में विवेक अग्रवाल, पत्नी तर्जनी अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल(विवेक की मां), एंजल अग्रवाल बड़ी बेटी, पर्ल छोटी बेटी, अशोक गोयल मामा, कमला मौसी काल के गाल में समा गईं।
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