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Pakistan में फैली हिंसा की आग, मुनीर पर 40 लोगों की हत्या के आरोप

Pakistan में फैली हिंसा की आग, मुनीर पर 40 लोगों की हत्या के आरोप

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने आंदोलन को पूरे पाकिस्तान तक विस्तार देने का आह्वान किया है। संगठन के नेताओं ने लोगों से पाकिस्तान, कश्मीर घाटी, जम्मू, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और पुंछ समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। संगठन के एक अन्य सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है, जबकि पिछले 52-53 दिनों में मृतकों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है। उनका आरोप है कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिससे बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


जेएएसी के कोर कमेटी सदस्य सरदार अरमान कश्मीरी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, न्याय और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि पीओके में लोगों की आवाज दबाने के लिए लगातार बल प्रयोग किया जा रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। जेएएसी का यह भी आरोप है कि पूरे क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे हालात की स्वतंत्र जानकारी सामने आना मुश्किल हो गया है। संगठन का कहना है कि संचार सेवाओं पर प्रतिबंध के कारण लोगों की आवाज दबाई जा रही है और कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। संगठन ने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद के डी-चौक पर चल रहा धरना अभी समाप्त नहीं हुआ है। नेताओं के अनुसार, लॉन्ग मार्च को केवल अस्थायी रूप से रोका गया है ताकि मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा सके और घायलों का उपचार कराया जा सके। उनका कहना है कि इसके बाद आंदोलन पहले से अधिक व्यापक स्तर पर दोबारा शुरू किया जाएगा। हालांकि, जेएएसी की ओर से जारी मृतकों और घायलों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, पाकिस्तान सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों और दावों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।

 

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