दिग्गज बैठक, भोजन और विश्राम तक सीमित, धरा खंड-खंड
ग्वालियर/तानसेन की नगरी और कमल दल के दिग्गजों की धरा आज अपनी अनदेखी पर आंसू बहा रही हैं। अधिकतर मुख्य मार्ग खंड खंड है और वाहन सवार परेशान। खंड खंड धरा से निकलना आम लोगों के लिये दूभर हो गया है और दिग्गजों की सेना मूकदर्शन बनी हुई है। तानसेन की नगरी की हालत यह है कि दिल्ली और सूबे की सरकार के दिग्गज सिर्फ बैठक, भोजन और विश्राम तक सीमित रह गये है। दिग्गजों का अगर अपनी धरा पर आने का कोई शेडयूल तैयार भी होता है तो वह सिर्फ बैठक, भोजन और विश्राम तक सीमित रह जाता है।
बात करें अगर प्रभार वाले मंत्री की तो वह असल में महाराज के आने से पहले ही यहां आते है और महाराज की रूख्सती के बाद चले भी जाते है। वहीं अन्य दिग्गजों की बात की जाये तो बैठक और दिशा निर्देश तक ही वह सीमित है। अधिकारियों पर उनका कोई लगाम ही नहीं है। शहर सरोकार के नाम पर सिर्फ खंड खंड धरा ही दिखाई देती है। तानसेन की नगरी के प्रमुख क्षेत्र फूलबाग, सिटी सेंटर, सचिन तेंदूलकर मार्ग सहित अन्य क्षेत्रों में आप जाये तो आप धूल से सन जायेंगे और खंड खंड धरा के कारण आपकी पीठ दुख जायेगी। लेकिन प्रशासन और दिग्गजों को यह सब कहां दिखाई पड़ता है। वह तो सिर्फ अपनी ढपली अपना राग अलापने में व्यस्त है।
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