Gwalior की कृष्णा शर्मा ने चीन में लहराया तिरंगा, जूनियर हॉकी एशिया कप जीतने के बाद हुआ जोरदार स्वागत
ग्वालियर/ ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने महिला जूनियर हॉकी एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश और शहर का नाम रोशन किया है। चीन में खेले गए टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में फॉरवर्ड खिलाड़ी कृष्णा शर्मा की अहम भूमिका रही।
टूर्नामेंट में दागे 5 गोल
महिला जूनियर हॉकी एशिया कप के पूरे टूर्नामेंट में कृष्णा ने शानदार खेल दिखाते हुए 5 गोल किए। भारतीय टीम ने खिताबी मुकाबले तक पहुंचने के सफर में दक्षिण कोरिया को 4-1, मलेशिया को 11-1, जापान को 7-0 और पाकिस्तान को 19-0 से हराया।
फाइनल मुकाबले में भारत ने चीन को 1-0 से शिकस्त दी और लगातार तीसरी बार एशिया कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
2015 में शुरू किया था हॉकी का सफर
कृष्णा शर्मा ने साल 2015 में हॉकी खेलना शुरू किया था। इसके बाद साल 2019 में वह ग्वालियर हॉकी अकादमी से जुड़ीं। यहां प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
साल 2023 में कृष्णा का चयन भारतीय सब-जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ। उन्होंने नीदरलैंड्स दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद भारतीय जूनियर टीम के साथ यूनाइटेड किंगडम के अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर दौरे पर भी गईं। वहां इंग्लैंड अंडर-21 के खिलाफ भारत की 2-0 की जीत में कृष्णा ने गोल किया था।
ग्वालियर लौटने पर हुआ जोरदार स्वागत
एशिया कप में भारत को चैंपियन बनाने के बाद कृष्णा शर्मा जब ग्वालियर पहुंचीं तो रेलवे स्टेशन पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने फूल-मालाओं के साथ कृष्णा का अभिनंदन किया।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय कृष्णा ने अपने माता-पिता, परिवार, प्रशिक्षकों और ग्वालियर हॉकी अकादमी को दिया। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना और एशिया कप जीतना उनके जीवन के गौरवपूर्ण पलों में से एक है।
ग्वालियर-चंबल की बेटियों को दिया संदेश
कृष्णा ने ग्वालियर-चंबल की बेटियों को भी आगे बढ़ने का संदेश दिया। उनका कहना है कि अंचल में बदलाव आ रहा है और बेटियों को अपने सपने पूरे करने के लिए घर से बाहर निकलकर मौके तलाशने चाहिए।
उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में बेटियों के लिए काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में माता-पिता को बेटियों की पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें खेल और अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए।
कृष्णा की कामयाबी बनी प्रेरणा
कृष्णा शर्मा की यह उपलब्धि ग्वालियर के खेल जगत के लिए भी खास है। एक छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मंच तक पहुंचने वाली कृष्णा ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से नई पहचान बनाई है। उनकी सफलता उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रही हैं।
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