बचपन में Jackie Shroff के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम था मुश्किल
मुंबई। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 69वां जन्मदिन मनाया। जैकी यानि की बॉलीवुड के ‘भिड़ू’ का सफर फिल्मों से कहीं ज्यादा दिलचस्प और संघर्षों से भरा रहा है। मुंबई की एक चॉल में पले-बढ़े जैकी का बचपन बेहद कठिनाइयों में गुजरा। परिवार की आर्थिक हालत इतनी कमजोर थी कि दो वक्त के भोजन का इंतजाम भी मुश्किल से होता था। जैकी के पिता काकूभाई श्रॉफ एक बिजनेसमैन थे, लेकिन घाटा लगने पर उन्होंने ज्योतिष का काम शुरू किया। वे जानते थे कि उनका बेटा जयकिशन काकूभाई श्रॉफ (जैकी) एक दिन बड़ा सितारा बनेगा, मगर गरीबी ने जैकी का विश्वास तोड़ दिया था। जैकी पढ़ाई में रुचि नहीं रखते थे। 7 साल की उम्र में पहली बार मां के कहने पर स्कूल गए, लेकिन पढ़ाई से हमेशा दूरी बनाकर रखी। एक बार उन्होंने पिता से पढ़ाई छोड़ने की इच्छा जताई तो पिता ने सहजता से कहा, “कोई बात नहीं, वैसे भी तुम्हें एक्टर बनना है।” यह बात जैकी के दिल में बस गई। जीवनयापन के लिए जैकी ने कई छोटे-मोटे काम किए कभी मूंगफली बेची, कभी ताज होटल में शेफ का काम किया और कभी विज्ञापन एजेंसी में नौकरी की। इस संघर्षभरे दौर में बस स्टैंड पर एक अजनबी ने उनकी पर्सनैलिटी की तारीफ करते हुए उन्हें मॉडलिंग करने की सलाह दी। यही सलाह उनके जीवन का बड़ा मोड़ बनी। उन्होंने नेशनल एडवरटाइजिंग कंपनी का पहला मॉडलिंग प्रोजेक्ट हासिल किया और 7,500 रुपये कमाए, जो उस समय उनके लिए बड़ी रकम थी।
कुछ मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स के बाद जैकी की मुलाकात देव आनंद से हुई और उन्हें 1982 की फिल्म ‘स्वामी दादा’ में पहला रोल मिला। हालांकि यह भूमिका छोटी थी, लेकिन इसी बीच उन्हें सुभाष घई की फिल्म ‘हीरो’ में लीड रोल का बड़ा मौका मिला। शूटिंग के दौरान एक गंभीर दुर्घटना में उनकी नाक और जबड़ा टूट गया, लेकिन निर्देशक सुभाष घई ने उनका साथ नहीं छोड़ा और पूरी फिल्म उनके साथ मिलकर पूरी की। ‘हीरो’ के बाद जैकी श्रॉफ एक सुपरस्टार बन चुके थे। उन्होंने ‘आज का दौर’, ‘युद्ध’, ‘कर्मा’, ‘त्रिमूर्ति’, ‘लज्जा’, ‘काश’ और ‘दिल ही तो है’ जैसी सफल फिल्मों में बेहतरीन भूमिकाएं निभाईं। उनकी सहज अदाकारी, स्टाइल और सरल स्वभाव ने उन्हें दर्शकों का ‘जैकी दादा’ बना दिया। आज जैकी श्रॉफ मनोरंजन जगत के सबसे सम्मानित और प्रिय कलाकारों में से एक हैं एक ऐसा सितारा जिसने गरीबी, संघर्ष और हादसों को मात देकर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। बता दें कि हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हुए जिन्होंने न केवल अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता, बल्कि अपनी स्टाइल और व्यक्तित्व से युवाओं के लिए फैशन आइकॉन भी बने। इनमें सबसे चमकता नाम है बॉलीवुड के ‘भिड़ू’, यानी जैकी श्रॉफ का।
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