Bangladesh में आम चुनाव से पहले हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी
एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में मॉब लिंचिंग के मामलों में 21 लोग मारे गए
ढाका। बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान से 12 दिन पहले हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई। एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में मॉब लिंचिंग के मामलों में 21 लोग मारे गए, जबकि दिसंबर 2025 में यह संख्या 10 थी। इस दौरान चुनावी हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई और 5 से ज्यादा घायल हुए हैं। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है, जिसमें मंदिरों को नुकसान पहुंचाने की 21 घटनाएं दर्ज की गईं। पुलिस और न्यायिक हिरासत में होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 15 हो गई। प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी के चलते जेलों में मानवीय गरिमा और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के मामले सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में जनवरी के दौरान भीड़ द्वारा की जाने वाली हत्याओं में अचानक उछाल आया। रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर की तुलना में जनवरी में ऐसी घटनाएं दोगुनी हो गई। अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
दिसंबर में मंदिरों में तोड़फोड़ या चोरी की 6 घटनाएं सामने आई थीं, जो जनवरी में बढ़कर 21 तक पहुंच गई। इसके अलावा महीने भर में 57 ऐसी लाशें बरामद हुई हैं, जिनकी पहचान तक नहीं हो पाई है। जेलों और न्यायिक हिरासत में कैदियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। जनवरी में कस्टडी में मरने वालों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है, जिनमें से ज्यादातर मौतें इलाज में लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की वजह से हुईं। हाल ही में अवामी लीग के पूर्व नेता और कलाकार प्रलय चाकी की न्यायिक हिरासत में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके परिवार ने इस नुकसान के लिए शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, राजनीतिक स्थिरता खतरे में पड़ती दिख रही है। चुनावी हिंसा में मरने वालों की तादाद दिसंबर में सिर्फ 1 थी, जो जनवरी में बढ़कर 4 हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 34 रेप और 11 गैंग रेप के मामले सामने आए हैं। सरकार से इन सभी गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच करने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की अपील की है।
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