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  • Saturday, 07 March 2026
Iran के निर्वासित प्रिंस रजा ने संभाली कमान, अरब देशों पर हमलों की निंदा के साथ नई सरकार का किया आह्वान

Iran के निर्वासित प्रिंस रजा ने संभाली कमान, अरब देशों पर हमलों की निंदा के साथ नई सरकार का किया आह्वान

तेहरान। मध्य पूर्व में जारी भीषण महायुद्ध के बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस और अंतिम शाह के बेटे रजा पहलवी ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। एक भावुक वीडियो संदेश में पहलवी ने न केवल पड़ोसी अरब देशों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों की निंदा की, बल्कि यह घोषणा भी कर दी कि उन्होंने इस्लामिक गणराज्य के संभावित पतन के बाद देश का नेतृत्व करने के लिए जनता के जनादेश को स्वीकार कर लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य कमांडरों की मौत के बाद ईरान नेतृत्व के संकट से जूझ रहा है। रजा पहलवी ने अपने संबोधन में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, इराक और सऊदी अरब पर दागी गई मिसाइलों को संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह शासन पिछले पांच दशकों से क्षेत्र में केवल रक्तपात और अराजकता फैला रहा है, जिसका अब अंत होना अनिवार्य है। पहलवी ने अरब जगत को विश्वास दिलाया कि यह आक्रामक नीति ईरानी जनता की नहीं, बल्कि वर्तमान दमनकारी शासन की है। अपने विजन को स्पष्ट करते हुए क्राउन प्रिंस ने ईरान में अराजकता के बजाय व्यवस्थित परिवर्तन का वादा किया है। उन्होंने घोषणा की कि वे एक संक्रमणकालीन सरकार का नेतृत्व करेंगे जो प्रशासनिक ढांचे और लोक सेवकों को बनाए रखेगी ताकि देश में स्थिरता बनी रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य की सरकार का फैसला विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि मतपेटी और साझा हितों वाली कूटनीति से होगा।

उन्होंने अरब देशों से अपील की कि वे आने वाली संक्रमणकालीन सरकार को मान्यता दें और एक ऐसे समृद्ध मध्य पूर्व के निर्माण में सहयोग करें जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें। वर्तमान में ईरान के भीतर स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। एक ओर तेहरान और इस्फहान जैसे शहरों में बमबारी जारी है, वहीं दूसरी ओर सत्ता बचाने की कोशिशों में जुटी अस्थायी परिषद को अब घरेलू असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। इजरायल द्वारा लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोलने और ईरान के जवाबी ड्रोन हमलों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। ऐसे नाजुक मोड़ पर पहलवी का खुद को वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में पेश करना, ईरान के भीतर शासन विरोधी आवाजों को नई दिशा दे सकता है और आने वाले दिनों में तेहरान की सत्ता संरचना में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है। ट्रंप के चहेते हैं रजा पहलवी जब पिछले कुछ समय पहले ईरान में खामेनेई रिजीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए तो इसके पीछे रजा पहलवी को ही जिम्मेदार बताया गया। रजा पहलवी ने कई बार वीडियो जारी कर ईरानी लोगों को उकसाया और प्रदर्शन करने की वकालत की। रजा पहलवी अमेरिका रहते हैं। कहा जाता है कि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप का पूरा सपोर्ट है। अमेरिका भी उनको ही ईरान का अगला चीफ बनाना चाहता है। अब देखने वाली बात है कि रजा पहलवी ने अभी जो दावा किया है, उसमें कितना दम है।

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