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  • Friday, 27 February 2026
Israeli PM Netanyahu ने भारतीय परिधान पहनकर पीएम मोदी को चौंकाया

Israeli PM Netanyahu ने भारतीय परिधान पहनकर पीएम मोदी को चौंकाया

यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने भारतीय समकक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित संयुक्त रात्रिभोज से पहले एक अनोखा और आत्मीय अंदाज अपनाकर सबको हैरान कर दिया। पीएम नेतन्याहू ने पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया, जिसका वीडियो उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। इस वीडियो में नेतन्याहू भारतीय और पश्चिमी पहनावे के एक आकर्षक मिश्रण में नजर आ रहे हैं। उन्होंने सफेद रंग की फुल-स्लीव शर्ट के ऊपर हल्के ग्रे (स्लेटी) रंग की स्लीवलेस जैकेट पहनी है, जो काफी हद तक पारंपरिक नेहरू जैकेट या बंडी जैसी दिख रही है। अपने इस देसी लुक के साथ उन्होंने गहरे रंग की फॉर्मल पैंट और काले जूते पहने थे। नेतन्याहू ने हिंदी में पोस्ट लिखकर अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि उन्होंने अपने मित्र मोदी को इस भारतीय लिबास के जरिए एक सुखद सरप्राइज दिया है। इस व्यक्तिगत गर्मजोशी से पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने यरुशलम स्थित इजरायली संसद नेसेट के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित कर एक नया इतिहास रचा। वह इजरायल की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। नेसेट पहुंचने पर स्पीकर अमीर ओहाना ने उनका औपचारिक स्वागत किया। प्रधानमंत्री के संबोधन से पूर्व पीएम नेतन्याहू, विपक्ष के नेता येर लैपिड और स्पीकर ओहाना ने भी अपने विचार रखे, जो इजरायल की राजनीति में भारत के प्रति मजबूत द्विदलीय समर्थन और एकजुटता को दर्शाता है। इस अवसर पर पीएम मोदी को प्रतिष्ठित स्पीकर ऑफ द नेसेट पदक से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने दोनों देशों की स्थायी मित्रता और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को समर्पित किया।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इजरायल के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों और आधुनिक काल की रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दोनों देश प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। कृषि, जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग ने दोनों देशों के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। प्रधानमंत्री ने इजरायल में बसे भारतीय समुदाय और भारत के यहूदी प्रवासियों के योगदान की भी सराहना की। आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने 7 अक्टूबर के आतंकी हमले पर संवेदना व्यक्त की और जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बर्बरता को कभी भी जायज नहीं ठहराया जा सकता और भारत क्षेत्र में स्थायी शांति व स्थिरता के हर प्रयास का पूर्ण समर्थन करता है।

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