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  • Monday, 19 January 2026
मालदीव का नया दांव-पहले Indian Army को बाहर किया फिर चीन से कर लिया सैन्य समझौता

मालदीव का नया दांव-पहले Indian Army को बाहर किया फिर चीन से कर लिया सैन्य समझौता

माले। कई बार अपने मुंह की खा चुके मालदीव ने एक बार फिर भारत विरोधी कदम उठाया है। इस बार मालदीव ने पहले भारतीय सेना को बाहर किया फिर चीन के साथ सैन्य समझौता कर लिया। बता दें कि पिछले साल नवंबर में मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में कुछ तनाव आ गया था। व्यापक रूप से चीन समर्थक नेता के रूप में देखे जाने वाले मुइज्जू ने राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कहा कि वह भारतीय सैन्यकर्मियों को अपने देश से बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे। मुइज्जू ने पिछले साल सितंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारत के मित्र माने जाने वाले तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हरा दिया था।


भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि तकनीकी विशेषज्ञों की उसकी पहली असैन्य टीम मालदीव में एक उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर का संचालन करने वाले सैन्यकर्मियों की जगह लेने वहां पहुंच गई है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने देश से भारतीय सैन्यकर्मियों के पहले समूह की वापसी के लिए 10 मार्च की समयसीमा तय की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर को संचालित करने के लिए तकनीकी कर्मियों की पहली टीम मालदीव पहुंच गई है। यह हेलीकॉप्टर को संचालित करने वाले मौजूदा कर्मियों का स्थान लेगी।’’ भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी से संबंधित मुद्दे के समाधान के लिए गठित उच्च-स्तरीय कोर समूह की दूसरी बैठक के बाद, मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत 10 मई तक दो चरणों में अपने सभी सैन्यकर्मियों को हटा लेगा। कोर समूह की दूसरी बैठक दो फरवरी को दिल्ली में हुई।


चीन ने सोमवार को मालदीव के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त सैन्य सहायता प्रदान करने संबंधी रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव से भारतीय सैन्य कर्मियों को बाहर करने के लिए डेडलाइन तय की है। एक दिन पहले मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए चीन के अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग कार्यालय के उप निदेशक मेजर जनरल झांग बाओकुन से मुलाकात की। मालदीव के रक्षा मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर बताया कि मौमून और मेजर जनरल बाओकुन ने मालदीव गणराज्य को मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए चीन के सैन्य सहायता के प्रावधान पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। बता दें कि मालदीव ने ताजा रक्षा सहयोग समझौते की अधिक जानकारी नहीं दी है। लेकिन यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब 4500 टन वजनी हाई-टेक्नोलॉजी से लैस चीन का जासूसी जहाज मालदीव के तट से रवाना हो गया है।


इस बीच बताया गया कि चीन ने मालदीव को 12 ईको-फ्रेंडली एम्बुलेंस भी गिफ्ट में दी हैं। रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में, मालदीव में चीनी राजदूत वांग लिक्सिन ने मालदीव को एम्बुलेंस का उपहार देने वाला पत्र प्रस्तुत किया। इससे पहले आधिकारिक रूप से जियांग यांग हांग थ्री नामक इस चीनी जहाज ने कर्मियों को बदलने और आपूर्ति के लिए’ के लिए बंदरगाह पर लंगर डाला था। मालदीव ने चीनी जहाज जियांग यांग होंग 03 को अपने कर्मियों के रोटेशन और लॉजिस्टिक एक्सचेंज के लिए माले बंदरगाह पर ठहरने की अनुमति दी थी। इसके कुछ दिनों बाद चीनी सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने मालदीव की यात्रा की है। पांच जनवरी को श्रीलंका ने जियांग यांग हांग थ्री के प्रवेश को अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि उसने अपनी समुद्री सीमा में विदेशी अनुसंधन जहाजों के प्रवेश पर एक साल के लिए रोक लगाने की घोषणा की है। भारत ने अपने पड़ोस में चीन के अनुसंधान जहाजों के लंगर डालने पर चिंता प्रकट की थी। संयोग से यह चीनी जहाज भारत-मालदीव-श्रीलंका त्रिपक्षीय ‘दोस्ती-16’ अभ्यास के स्थल के समीप ही था। यह अभ्यास 22 फरवरी और 25 फरवरी के बीच हुआ था।

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