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  • Thursday, 12 February 2026
Blast  मामले की जांच करने टीएमसी नेता के घर पहुंची एनआईए

Blast मामले की जांच करने टीएमसी नेता के घर पहुंची एनआईए

टीम पर भीड़ ने किया पथराव, गाड़ी के शीशे टूटे, मामला दर्ज


कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) टीम विस्फोट मामले की जांच से जुड़े एक टीएमसी नेता के घर पहुंची थी। एनआईए टीम को देखकर वहां मौजूद भीड़ ने टीम पर पथराव कर दिया। पथराव में किसी के घायल होने की खबर नहीं लेकिन गाड़ियों के कांट टूट गए हैं। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के भूपतिनगर में शनिवार सुबह 5.30 बजे एनआईए की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। एनआईए के अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता मनबेंद्र जाना के घर पर 2022 में हुए विस्फोट मामले की जांच करने वहां पहुंचे थे, तभी उग्र भीड़ ने उनकी कार पर पथराव कर दिया, जिससे गाड़ी की विंडस्क्रीन टूट गई। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। एनआईए टीम ने मनबेंद्र जाना और अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एनआईए अधिकारी मनबेंद्र जाना को गिरफ्तार करने उनके घर पहुंचे थे। बता दें भूपतिनगर में 3 दिसंबर, 2022 को हुए एक विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी। पिछले माह एनआईए ने विस्फोट के सिलसिले में पूछताछ के लिए 8 टीएमसी नेताओं को बुलाया था। एनआईए ने आठों को अपने अधिकारियों के सामने पेश होने का आदेश दिया था, क्योंकि वे पहले के समन में जांच में शामिल नहीं हुए थे। एनआईए की टीम इसी सिलसिले में मनबेंद्र जाना को गिरफ्तार करने भूपतिनगर उनके निवास पहुंची थी, जब भीड़ ने उस पर हमला कर दिया।


संदेशखाली में भी हुआ था हमला
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में भी एनआईए टीम पर हमला हुआ था। तब केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर पर छापा मारने पहुंचे थे। शाहजहां शेख के समर्थकों ने ईडी टीम के साथ जवानों पर भी हमला किया था। पत्थरबाजी में ईडी के तीन अधिकारी घायल हो गए थे जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाहजहां शेख संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण के आरोप में सीबीआई की गिरफ्त में है। ज्योति प्रिया मल्लिक पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाला केस में आरोपी हैं। उन्हें ईडी ने पिछले साल के आखिरी में गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल जेल में हैं।


बोनगांव में भी घट चुकी है ऐसी घटना
राशन घोटाला मामले में बोनगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आध्या को 6 जनवरी को गिरफ्तार करने पहुंची ईडी की टीम को उग्र भीड़ रोक लिया जब ईडी अधिकारियों ने आध्या को अपने साथ ले जाने की कोशिश की थी भीड़ ने उनके वाहनों पर पथराव भी किया था। स्थिति को नियंत्रित करने सीआरपीएफ जवानों को भीड़ पर लाठीचार्ज करना पड़ा था। ईडी ने 24 परगना जिले के टीएमसी नेता शंकर आध्या को बोनगांव के सिमुलटोला में उनके आवास से गिरफ्तार किया था।

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