भारतीय संस्कृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता: Manoj Muntashir
मुंबई। हाल ही में युवा धर्म संसद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित लाइव म्यूजिकल शो मेरा देश पहले: नरेंद्र मोदी की अनकही कहानी और देशभक्ति गीत वंदे मातरम् को लेकर बॉलीवुड मनोज मुंतशिर शुक्ला ने अपनी मुखर राय रखी। उन्होंने इस बात पर खुशी और भरोसा जताया कि देश के युवाओं में अगर धर्म और भारतीय संस्कृति को लेकर इसी तरह की आस्था और समझ बनी रही तो हजारों साल बाद भी भारत की संस्कृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। यह टिप्पणी युवाओं में सांस्कृतिक जड़ों के प्रति बढ़ते झुकाव की ओर इशारा करती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित म्यूजिकल शो को लेकर मनोज मुंतशिर ने कहा, प्रधानमंत्री के जीवन के कई पहलुओं में से मुझे सबसे ज्यादा सेवा ने प्रभावित किया है। पीएम मोदी लोगों को लगातार मोटिवेट करते हैं और नि:स्वार्थ भावना से सेवा करने की बात को अपने जीवन में उतारते हैं। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिंदगी को सिर्फ एक शब्द में समेटना हो तो वह शब्द सेवा होगा। सेवा परमो देवः की भावना उनके लिए सिर्फ एक विचार नहीं बल्कि जीवन में अपनाने वाली चीज है। उनकी यह टिप्पणी प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में सेवा के महत्व को रेखांकित करती है। वंदे मातरम् को केवल दो छंदों तक सीमित करने के विवाद पर मनोज मुंतशिर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने प्रतिपक्ष के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, प्रतिपक्ष के नेता को इस तरह की हरकतों से बाज आना चाहिए। वंदे मातरम् पूरा गाया जाएगा और पूरा गाना पड़ेगा।
इसके बाद उन्होंने अपने ओजस्वी अंदाज में एक कविता भी सुनाई: नसों में सूर्यवंशी स्वाभिमान था और है, सनातन से ही भगवा आसमान था और है, शिवाजी और नानक को पिता कहते हैं हम अपना, हमारे बाप का हिंदुस्तान था और है। यह कविता उनके देशभक्ति के विचारों और भारतीय इतिहास व संस्कृति के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाती है। बता दें कि मनोज मुंतशिर का नाम बॉलीवुड में सिर्फ देशभक्ति या धार्मिक भावनाओं से जुड़े गीतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने रोमांस, इमोशन और रिश्तों पर भी कई लोकप्रिय गाने लिखे हैं।
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