Pakistan कर रहा कश्मीर में भारत के खिलाफ ‘सूचना युद्ध’ छेड़ने की तैयारी
पीएम शहबाज शरीफ ने पीएमओ में कट्टरपंथी मौलवियों के साथ की प्लानिंग
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की हरकतों से ऐसा लग रहा है कि वह भारत के खिलाफ साजिश करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। उन्होंने हाल ही में पीएमओ में कट्टरपंथी मौलवियों को बुलाया। इन्हें ‘उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल’ बता कर भारत के खिलाफ प्लानिंग की जा रही है। खुफिया सूत्रों का दावा है कि इस मुलाकात का एकमात्र मकसद कश्मीर में ‘जिहाद’ के नैरेटिव को दोबारा जिंदा करना और भारत के खिलाफ ‘सूचना युद्ध’ छेड़ना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शहबाज शरीफ ने ‘नेशनल पैगाम-ए-अमन कमेटी’ के अध्यक्ष हाफिज ताहिर महमूद अशरफी को अपना विशेष को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया है, ये वही शख्स है जिनका सीधा संबंध जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों से रहा है। इस गठबंधन के तहत अब पाकिस्तान की मस्जिदों और जुमे की नमाजों का इस्तेमाल भारत विरोधी संदेश और ‘कश्मीर जिहाद’ को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। पाकिस्तान की सेना और नागरिक सरकार अब एक साथ मिलकर उग्रपंथियों का इस्तेमाल कर रही हैं, ताकि कश्मीर मुद्दे को एक ‘धार्मिक युद्ध’ का रूप दिया जा सके। दरअसल, भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान में दशकों से खड़ा किया गया आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तबाह हो चुका है।
इसी आतंकी ढांचे को दोबारा खड़ा करने के लिए पाक सरकार अपनी पूरी ताकत लगा रही है। अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं को छिपाने के लिए शहबाज अब टीटीपी और अफगान तालिबान को भारत द्वारा फंडेड बता रहे हैं, ताकि जनता का गुस्सा बाहरी ‘दुश्मन’ की ओर मोड़ा जा सके। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और धार्मिक रैलियों के जरिए कश्मीर में आंतकवाद फैलाने के लिए एआई और बॉट नेटवर्क्स का इस्तेमाल करने की तैयारी में है। नई दिल्ली के खुफिया सूत्रों ने इसे पाकिस्तान की चाल बताया है। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पहले ही साफ कर दिया था कि किसी भी दुस्साहस का जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तरह ही दिया जाएगा।
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