चोट से उबरने के बाद Rakul Preet Singh ने की जिम वापसी
मुंबई। चोट से उबरने के बाद अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने फिर से जिम में वापसी की हैं। अपने इंस्टाग्राम पर एक्ट्रेस ने अपने जिम सेशन की कई तस्वीरें साझा करते हुए अपनी वापसी की खुशी को व्यक्त किया। अभिनेत्री ने बताया कि इस चोट ने उन्हें सिखाया कि ठीक होने में समय लगता है और इसमें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। रकुल प्रीत ने कैप्शन में एक लंबा और भावुक नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने चोट के बाद की स्थिति पर विचार व्यक्त किया और बताया कि वह एक नई शुरुआत की ओर देख रही हैं। अपने नोट में रकुल ने लिखा, हर सफर में एक ऐसा अध्याय होता है जिसके लिए कोई प्लान नहीं करता है। मेरे साथ ऐसा ही एक अध्याय हुआ, एक चोट के रूप में। एक पल में हर दिन मजबूत होने पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, और अगले ही पल मुझे पूरी तरह से रुकना पड़ा। उन्होंने अपने दर्द को साझा करते हुए कहा, सिर्फ दर्द ही मुश्किल नहीं था, बल्कि उस खामोशी से भी जूझना पड़ा जो मेरे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुकी चीज से दूर होने पर आई थी। एक्ट्रेस ने आगे बताया कि जिम उनके लिए सिर्फ एक ऐसी जगह नहीं थी जहां वह खुद को प्रशिक्षित करती थीं, बल्कि यह वह जगह थी, जहां उन्होंने अनुशासन सीखा, अपने दिमाग को शांत किया और हर दिन खुद को याद दिलाया कि विकास निरंतरता से ही होता है। उन्होंने कहा, सबसे मुश्किल बात मेरी प्रगति का रुकना नहीं था।
सबसे मुश्किल यह स्वीकार करना था कि ठीक होने में जल्दबाजी नहीं की जा सकती। हर दिन में वापस जाना चाहती थी, लेकिन मेरा शरीर मुझे याद दिलाता रहा कि ठीक होने की अपनी एक समयसीमा होती है। निराशा के पलों को याद करते हुए उन्होंने कहा, निराशा के पल भी आए, संदेह के पल भी आए और ऐसे पल भी आए जब मैंने सोचा कि मैं कितना कुछ खो दूंगी, लेकिन धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि कभी-कभी जीवन आपको रोकना नहीं चाहता। कभी-कभी यह आपको एक अलग नजरिए के साथ वापस आने के लिए तैयार कर रहा होता है। अभिनेत्री ने बताया कि स्वास्थ्य लाभ की इस प्रक्रिया ने उन्हें ऐसे सबक सिखाए जो कोई भी व्यायाम कभी नहीं सिखा सकता था। इसने उन्हें परिणाम पाने के लिए धैर्य रखना सिखाया। उन्होंने आगे कहा, इसने मुझे उन पलों के लिए कृतज्ञता का भाव सिखाया, जिन्हें मैं पहले हल्के में लेती थी। इसने मुझे याद दिलाया कि ताकत हमेशा दिखावटी नहीं होती। कभी-कभी ताकत तब होती है जब मन और ज्यादा मेहनत करने को कहता है और आप आराम करने का चुनाव करते हैं। कभी-कभी ताकत तब होती है जब आप खुद पर भरोसा रखते हैं, भले ही आपको तुरंत कोई प्रगति नजर न आए।
रकुल प्रीत ने बताया कि जैसे-जैसे दिन बीतते गए, उन्होंने खोई हुई चीजों पर ध्यान देना बंद कर दिया और जो कुछ उनके पास बचा था, उसकी सराहना करने लगीं। उनका लक्ष्य फिर से स्वस्थ होना था, जो उन्होंने हासिल कर लिया। उन्होंने कहा, हर छोटा सुधार एक जीत बन गया। हर छोटा-सा कदम मुझे याद दिलाता रहा कि प्रगति कभी भी पूरी तरह खत्म नहीं होती। जीवन के अलग-अलग पड़ावों में इसका रूप बदल जाता है। अपनी जिम वापसी को लेकर वह लिखती हैं, आज जिम में वापस आना एक लंबी यात्रा के बाद घर लौटने जैसा लगता है। सब कुछ जाना-पहचाना सा लगता है, फिर भी मैं जानती हूं कि मैं वो इंसान नहीं हूं, जो डेढ़ साल पहले जिम से निकली थी। मैं नए अनुभव, नए सबक और दोबारा ट्रेनिंग करने के हर मौके के लिए एक नई सराहना लेकर आई हूं। यह वहीं से शुरू करने की बात नहीं है, जहां मैंने छोड़ा था।
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