Ram Mandir में भर्ती अनियमितताएं: चढ़ावा गिनने वाले 5 कर्मचारी जांच में फेल
अयोध्या। भव्य राम मंदिर के संचालन और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, राम मंदिर में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण नियमों की अनदेखी की गई है, विशेषकर उन पदों पर जहाँ भक्तों द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की गिनती का संवेदनशील कार्य किया जाता है। अब यह पुष्टि हुई है कि ऐसे ही कुछ कर्मचारियों को बिना उचित पुलिस सत्यापन के ही नौकरी पर रखा गया था। हालिया जांच में ऐसे पांच कर्मचारी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया। यह खुलासा और भी चौंकाने वाला है क्योंकि ये कर्मचारी पिछले दो वर्षों से बिना किसी उचित पृष्ठभूमि जांच के इस महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दे रहे थे। जांच अधिकारियों को निगरानी, संचालन और भर्ती जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं में भरपूर हीलाहवाली के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं, जिसका प्रारंभिक रिपोर्ट में भी उल्लेख किया गया है। बीते कुछ दिनों की कार्रवाई पर नजर डालें तो गणना से जुड़े कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से जारी है, और इसी क्रम में ये अनियमितताएं सामने आई हैं। गणना कक्ष के कर्मचारियों की संख्या में भी अस्थिरता देखी गई है। कुछ समय पहले वेतन कम होने और काम के घंटे बढ़ने से नाराज होकर 23 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या घटकर 13 रह गई। हालांकि, उनमें से दो बाद में काम पर लौट आए, जिससे संख्या 15 हो गई। लेकिन इस बीच, पहले से कार्यरत दो कर्मचारियों पर पुलिस केस होने की जानकारी मिलने पर उन्हें कार्य मुक्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शेष कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने पर तीन और कर्मचारी जांच में फेल हो गए। इस तरह, वर्तमान में केवल 12 कर्मचारी ही नोट और सिक्कों की गिनती का कार्य कर रहे हैं। कई अन्य कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में हैं और उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। सावन मेले से पहले गणना कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता को देखते हुए, निजी भर्ती एजेंसी उन पूर्व कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही है जिन्होंने पहले इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि उनके पास कार्य का अनुभव है। हालांकि, अब इन कर्मचारियों का भी कड़ा पुलिस सत्यापन कराया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में भी कई ऐसे कर्मचारी पाए गए हैं जिनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज हैं। प्रबंधन ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में केवल सत्यापन में पास होने वाले लोगों को ही नियुक्त किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से मानकों के अनुरूप हो और मंदिर की पवित्रता तथा वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे।
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