Report reveals: ईरान जंग में अमेरिका ने खो दिए 42 फाइटर जेट और ड्रोन
वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच सीधे युद्ध की भले ही अभी शुरुआत न हुई हो, लेकिन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव अपने चरम पर बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की समयसीमा तय करने और फिर उसे टालने के घटनाक्रम के बीच अब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने पहली बार अमेरिका के सबसे आधुनिक और चर्चित एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। उन्होंने चेतावनी दी कि पिछले सैन्य संघर्षों से मिले कड़े अनुभवों के बाद यदि दोबारा जंग छिड़ती है, तो दुनिया को ईरान की तरफ से और भी ज्यादा चौंकाने वाले सरप्राइज देखने को मिलेंगे। ईरानी विदेश मंत्री ने जिस अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट का जिक्र किया है, वह ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियानों में अमेरिकी वायुसेना को हुए नुकसान का आकलन करती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसमें हवाई, समुद्री और मिसाइल हमले शामिल थे। रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया गया है कि इस संघर्ष के दौरान अमेरिका को अब तक अपने कम से कम 42 लड़ाकू विमानों और टोही ड्रोनों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस सैन्य अभियान के कारण अमेरिकी खजाने पर भी बेहद भारी वित्तीय बोझ पड़ा है। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस नुकसान का कोई अंतिम आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन मई 2026 में हुई एक संसदीय सुनवाई के दौरान पेंटागन के कार्यवाहक नियंत्रक जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट ने स्वीकार किया था कि इस ईरान मिशन की कुल लागत बढ़कर 29 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है।
इस भारी-भरकम बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा नष्ट हुए विमानों और क्षतिग्रस्त सैन्य उपकरणों को बदलने तथा उनकी मरम्मत करने में खर्च हो रहा है। रिपोर्ट के विवरण के मुताबिक, अमेरिकी सेना को हुए नुकसान में चार एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान शामिल हैं, जिनमें से तीन कुवैत के ऊपर तकनीकी चूक या फ्रेंडली फायर के कारण गिरे और एक ईरान के भीतर मार गिराया गया। इसके अलावा, एक एफ-35ए लाइटनिंग-2 विमान, एक ए-10 थंडरबोल्ट-2 ग्राउंड अटैक विमान और ईंधन भरने वाले सात केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर विमानों को भी भारी क्षति पहुंची है। इराक में हुए एक विमान हादसे में छह अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत की बात भी सामने आई है। ड्रोन मोर्चे पर अमेरिका को सबसे तगड़ा झटका लगा है, जहां उसके 24 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन और एक एमक्यू-4सी ट्राइटन ड्रोन नष्ट हो चुके हैं। यद्यपि अमेरिकी रक्षा विभाग ने एफ-35 विमान के पूरी तरह नष्ट होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस रिपोर्ट और ईरानी दावे ने वैश्विक स्तर पर एक नई बहस छेड़ दी है।
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