Dark Mode
  • Thursday, 12 March 2026
Iran की ओर से दागी गई मिसाइलों में रूस के ‘फिंगरप्रिंट’, जांच में मिले संकेत

Iran की ओर से दागी गई मिसाइलों में रूस के ‘फिंगरप्रिंट’, जांच में मिले संकेत

ट्रंप ने फिर किया दावा यह युद्ध तब खत्म हो जाएगा जब वह चाहेंगे

वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पता चला है कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के निर्माण में रूस की तकनीकी मदद शामिल हो सकती है। वहीं दूसरी ओर युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दावा किया है। भारत ने भी अपने तेल आयात के स्रोतों में बदलाव किया है और रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है। ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों के मलबे की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक परीक्षण से पता चला है कि इन मिसाइलों के निर्माण में रूसी विशेषज्ञों की मदद की आशंका जताई जा रही है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इन मिसाइलों की तकनीक और निर्माण प्रक्रिया में रूस और सोवियत दौर के विशेषज्ञों का योगदान रहा है। इसका मतलब है कि ईरान ने इन मिसाइलों को पूरी तरह अपने दम पर तैयार नहीं किया है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद रूस खुलकर ईरान के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध तब खत्म हो जाएगा जब वह चाहेंगे। उनके मुताबिक अब ईरान में निशाना बनाने के लिए करीब कुछ भी बाकी नहीं बचा है।

हालांकि ट्रंप के इस बयान के बावजूद क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई अभी भी जारी है। इस बीच इजराइल ने कहा है कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाया जा रहा सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई तब तक चलेगी जब तक सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। उनके मुताबिक इस अभियान की कोई समय सीमा तय नहीं है और जरूरत पड़ने पर इसे लंबे समय तक जारी रखा जाएगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर ऊर्जा बाजार पर भी दिख रहा है। भारत ने मार्च महीने में रूस से कच्चे तेल की खरीद में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी की है। जहाज निगरानी से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक इस महीने भारत ने करीब पंद्रह लाख बैरल रूसी तेल खरीदा है। फरवरी में यह मात्रा करीब दस लाख चालीस हजार बैरल प्रतिदिन थी। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयात करने वाला देश है और अपनी कुल तेल जरूरत का करीब 88 फीसदी विदेशों से खरीदता है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!