Shami चेक बाउंस मामले में बरी
कोलकाता। क्रिकेटर मोहम्मद शमी को चार साल पुराने चेक बाउंस मामले में बड़ी राहत मिली है। यहां की अलीपुर कोर्ट ने शमी को उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर 1 लाख रुपये के बाउंस चेक के मामले में बरी कर दिया है। यह मामला 2018 से अलीपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रहा था। बुधवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि शमी के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके। यह मामला 2018 का है जब शमी की पत्नी हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि घरेलू खर्चों के लिए शमी ने उन्हें 1 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने के बाद बाउंस हो गया। इसके बाद हसीन जहां ने अदालत में अपील की थी। हसीन जहां ने इस मामले के अलावा शमी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कई अन्य शिकायतें भी दर्ज कराई थीं, जिनमें घरेलू हिंसा और आपराधिक धमकी के आरोप शामिल थे। वहीं बुधवार को कोर्ट में पेश होने के बाद मोहम्मद शमी ने मीडिया से बात करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, मुझे पता था कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा क्योंकि मैंने कुछ गलत नहीं किया था। मैंने जितना देना था, सब कुछ दिया है। मैदान पर हो या मैदान के बाहर, मैं हमेशा हर स्थिति को अपनी पूरी क्षमता से संभालने की कोशिश करता हूं।
शमी फिलहाल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे हैं। पिछले कुछ सालों से वे अपनी निजी और कानूनी विवादों के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। क्रिकेट से दूर रहने के दौरान आई मुश्किलों का जिक्र करते हुए शमी ने कहा, हर चीज किसी के नियंत्रण में नहीं होती। फिर भी, मैं कोशिश करता रहता हूं। वहीं हसीन का कहना है कि वह इस फैसले के खिलाफ बड़ी अदालत में अपील करेंगी। जहां एक ओर शमी को चेक बाउंस मामले में राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण और गुजारा भत्ता को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर शमी फिलहाल हसीन जहां को हर महीने 1.5 लाख रुपये और अपनी बेटी की देखभाल के लिए 2.5 लाख रुपये, यानी कुल 4 लाख रुपये मासिक भरण-पोषण के लिए देते हैं।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!