Dark Mode
Sindhu बीडब्ल्यूएफ के 15-अंक के नये प्रारुप को लेकर खुश नहीं

Sindhu बीडब्ल्यूएफ के 15-अंक के नये प्रारुप को लेकर खुश नहीं

नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु अगले साल से लागू होने वाले विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) बैडमिंटन के नए 15-अंक के प्रारुप को लेकर उत्साहित नहीं हैं। सिंधु का मानना है कि ये थकानभरा और चुनौतीपूर्ण साबित होगा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु के अनुसार ये नया प्रारुप आक्रामक खिलाड़ियों के लिए ही लाभदायक रहेगा पर इससे खेल में शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ जाएगी। गौरतलब है कि बीडब्ल्यूएफ ने हाल ही में 15 अंक वाले तीन गेम की स्कोरिंग प्रणाली को मंजूरी दी है, इसे 4 जनवरी 2027 से लागू किया जाना है। इस घोषणा के बाद से ही खिलाड़ियों के ने इस नए प्रारूप को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। सिंधु हाल ही में बीडब्ल्यूएफ ‘एथलीट्स आयोग’ की अध्यक्ष बनी हैं। उन्होंने पहले भी बताया है कि अधिकतर खिलाड़ी अब भी 21-अंक प्रणाली को बैडमिंटन के आकर्षण, लय और रणनीतिक गहराई के लिहाज से कही बेहतर मानते हैं। सिंधु ने ने नए स्कोरिंग प्रणाली पर विस्तार को लेकर कहा, “हां, मुझे लगता है कि यह आक्रामक खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद है, लेकिन आपको शुरुआत से ही तेज होना होगा। आप शुरुआत में खुद को सेट नहीं कर सकते, तुरंत आक्रामक और तेज रहना होगा।” उन्होंने कहा, “यह बहुत थकाऊ होगा और आपको हर समय सतर्क रहना पड़ेगा।

यह मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत थका देने वाला होगा क्योंकि आपको लगातार हर तरफ सक्रिय रहना होगा।” उनकी यह टिप्पणी इस बात पर जोर देती है कि खेल की गति और तीव्रता काफी बढ़ जाएगी, जिससे खिलाड़ियों पर लगातार दबाव बना रहेगा। हालांकि, सिंधु का मानना है कि नया प्रारूप अनुभवी खिलाड़ियों के लिए कुछ हद तक लाभदायक हो सकता है क्योंकि मैच छोटे हो जाएंगे। उन्होंने कहा, “यह अधिक उम्र वाले खिलाड़ियों के लिए यह मददगार हो सकता है क्योंकि वे अपना करियर 2-3 साल और बढ़ाना चाहेंगे। मैच छोटे होने से फायदा मिलेगा।” सिंधु ने कहा कि 21-अंक प्रणाली में आपके पास वापसी करने के लिए 5-6 अंक का समय होता है, लेकिन 15 अंक प्रणाली में वह मौका नहीं मिलेगा।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!