दक्षिण के सिनेमा ने दिया मेंरे कॅरियर को मजबूत आधार : Seerat Kapoor
मुंबई। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के अनुभव ने अभिनेत्री सीरत कपूर को किरदारों को अधिक गहराई से समझना सिखाया है, जिससे उनकी अभिनय क्षमता में अभूतपूर्व निखार आया है। अभिनेत्री सीरत का मानना है कि जब एक कलाकार अलग-अलग जगहों और संस्कृतियों के बीच काम करता है, तो वह मानवीय भावनाओं को समझने और उन्हें पर्दे पर प्रभावी तरीके से उतारने का तरीका बेहतर ढंग से सीखता है। यह अनुभव न केवल भाषा की सीमाओं को तोड़ता है, बल्कि भावनात्मक अभिव्यक्ति को एक नया आयाम देता है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए सीरत कपूर ने कहा, दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने मेरे करियर को एक मजबूत आधार दिया। अलग-अलग भाषाओं में काम करना मेरे लिए एक चुनौती भी रहा और सीखने का बड़ा मौका भी। इस अनुभव ने मुझे अभिनय में ज्यादा सहज, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने वाला और अपने काम के प्रति ईमानदार बनाया। उन्होंने आगे कहा, इसने मुझे सिखाया कि भावनाओं को शब्दों की जरूरत नहीं होती। एक सच्ची भावना चेहरे के हाव-भाव, शारीरिक भाषा और आंखों के माध्यम से भी दर्शकों तक पहुंच सकती है, भले ही भाषा अलग क्यों न हो।
अभिनेत्री ने आज के दौर में कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, किसी कलाकार के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि उसे सही कारणों से याद रखा जाए। लोकप्रियता और चर्चा कुछ समय के लिए हो सकती है, लेकिन अच्छे काम से मिलने वाला सम्मान लंबे समय तक बना रहता है। उनका यह बयान बताता है कि वह सतही प्रसिद्धि की बजाय सार्थक और प्रभावशाली काम को महत्व देती हैं। सीरत कपूर जल्द ही फिल्म जटस्या मरणम ध्रुवम में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में उनके साथ दिग्गज अभिनेता जेडी चक्रवर्ती भी महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगे। यह फिल्म अगले महीने पांच भाषाओं में रिलीज होने वाली है, जो इसकी व्यापक पहुंच और महत्व को दर्शाता है।
हाल ही में सीरत ने इस फिल्म की शूटिंग के दौरान हुए एक मुश्किल अनुभव को भी साझा किया था। अभिनेत्री ने बताया कि फिल्म के आखिरी क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग के दौरान उन्हें चोट लग गई थी। उस सीन के लिए उन्होंने चूड़ियां पहनी थीं, लेकिन शूट पूरा होने के बाद हाथों में सूजन आने की वजह से उन्हें निकालना मुश्किल हो गया था। अपने इस अनुभव को याद करते हुए सीरत ने कहा, मुझे याद है जब हम फिल्म के आखिरी क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग कर रहे थे। मैंने उस सीन के लिए चूड़ियां पहनी थीं और शूट पूरा होने के बाद सूजे हुए हाथों की वजह से हम उन्हें निकाल नहीं पाए। टीम की मदद से जैसे-तैसे चूड़ियां निकाली गईं।
Tags
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!