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  • Friday, 30 October 2026
Thatipur पुनर्घनत्वीकरण योजना से थाटीपुर कालोनी ही उजाड़ हो चुकी

Thatipur पुनर्घनत्वीकरण योजना से थाटीपुर कालोनी ही उजाड़ हो चुकी

  • लंबे समय से निर्माण कार्य रूका, शासकीय कर्मियों का जीना हुआ मुश्किल

ग्वालियर। थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना से थाटीपुर कालोनी ही उजाड़ हो चुकी है। जिससे कालोनी के एक बड़े हिस्से में रह रहे शासकीय कर्मियों का जीना मुश्किल हो रहा है। लंबे समय से यहां चल रहे निर्माण कार्य भी बंद पड़े हैं। यहां की स्थिति बहुत खराब है। रात में यहां रोशनी की व्यवस्था तक नहीं है, नालियों गंदी है और सीवरलाइन ओवरफ्लो हैं। ऊंचे-ऊंचे मिट्टी के ढेर, जंगली झाडियां और बेतरतीब तरीके से फैल रही पेड़ों की शाखाएं यहां फैली अव्यवस्थाओं की चुगली कर रही है।


उल्लेखनीय है कि सौ वर्ष से ज्यादा पुरानी थाटीपुर कालोनी में शासन की ओर से थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना से नए निर्माण किए जा रहे हैं। इस निर्माण से नई सिटी का ख्वाब दिखाया गया था, जो अधर में है। बीते कई महीनों से यहां चल रहे निर्माण बंद भी पड़े हैं। इस वजह से थाटीपुर कालोनी के एक बड़े हिस्से में रह रहे शासकीय कर्मियों का जीना मुश्किल हो रहा है। हाउसिंग बोर्ड की पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत थाटीपुर क्षेत्र के भूभाग पर मेगा सिटी बनाने का प्लान तैयार किया गया था। इसमें व्यावसायिक मार्केट, ऊंची-ऊंची बहुमंजिला बिल्डिंग और सुव्यवस्थित सड़कें बनाया जाना है। लेकिन नई सिटी बसना तो दूर लेकिन पूरे क्षेत्र की हालत बहुत खराब हो गई है। यहां अंधकार पसरा हुआ है। नालियों में गंदगी ऊपर तक आ चुकी है। बड़े पेड़ बेतरतीब तरीके से फैल चुके हैं।


थाटीपुर क्षेत्र की इस कालोनी में फिलहाल सरकारी कर्मियों के आवास तो बन चुके हैं। कार्यालय भवनों को भी तैयार कर लिया गया है। ऊंची-ऊंची पानी की टंकी बना दी गई है। सड़क भी बना दी गई है। रामकृष्ण आश्रम के सामने वाले इलाके में पुराने मकान तोड़कर मैदान साफ कर दिया गया है मगर अब तक यहां 22 मंजिला भवन का निर्माण नहीं हो सका है। इसी तरह मुख्य मार्ग पर बसे सी व बी ब्लाक के पुराने आवास भी गिरा दिए गए है मगर अब तक यहां निर्माण शुरू नहीं हो सके हैं। बताया जा रहा है कि हाउसिंग बोर्ड अधिकारियों की कारगुजारियों के चलते यह निर्माण कार्य शासन के आदेश से पिछले कुछ माह से रुका हुआ है। इसकी अधिकारी भी स्पष्ट तौर पर जानकारी देने से बच रहे हैं।

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