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  • Monday, 26 January 2026
Krishnam Raju  की मौजूदगी ही कहानी को पहुंचा देती थी अलग ऊंचाई पर

Krishnam Raju की मौजूदगी ही कहानी को पहुंचा देती थी अलग ऊंचाई पर

मुंबई। दमदार, बेबाक और विद्रोही किरदारों की बात आती है तो साउथ सिनेमा के दिवंगत अभिनेता कृष्णम राजू का नाम सबसे पहले लिया जाता है। अभिनेता की पर्दे पर मौजूदगी ही कहानी को एक अलग ऊंचाई पर पहुंचा देती थी। यही वजह थी कि दर्शकों ने उन्हें प्यार से ‘रिबेल स्टार’ का खिताब दिया। अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली व्यक्तित्व के बल पर उन्होंने सिनेमा जगत में एक ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी याद की जाती है। अभिनय, निर्माण और राजनीति तीनों ही क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले ‘रिबेल स्टार’ कृष्णम राजू भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत साउथ सिनेमा के इतिहास में हमेशा जीवित रहेगी। करीब पांच दशकों से भी लंबे करियर में कृष्णम राजू ने 183 से अधिक फिल्मों में काम किया। सामाजिक विषयों से लेकर रोमांटिक ड्रामा, धार्मिक आस्था से जुड़ी कहानियों और ऐतिहासिक किरदारों तक, उन्होंने हर शैली में खुद को साबित किया। उनकी फिल्मों में अभिनय सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव बनकर उभरता था। खास तौर पर ‘भक्त कन्नप्पा’ और ‘तंद्रा पपरायुडु’ जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर तक पहचान दिलाई और उन्हें साउथ सिनेमा का एक आइकॉन बना दिया। 20 जनवरी 1940 को आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के मोगाल्तुरु गांव में जन्मे कृष्णम राजू ने साल 1966 में फिल्म ‘चिलाका गोरिंका’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म को नंदी अवॉर्ड भी मिला।

शुरुआती दौर में उन्होंने नायक और खलनायक दोनों तरह के किरदार निभाए, लेकिन जल्द ही उनकी छवि एक मजबूत, सशक्त और विद्रोही नायक के रूप में स्थापित हो गई। यही छवि आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। अपने शानदार करियर के दौरान कृष्णम राजू को 5 फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड और 4 नंदी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ‘अमारा दीपम’, ‘सीता रामुलु’, ‘कटकताला रुद्रैया’, ‘भक्त कन्नप्पा’ और ‘तंद्रा पपरायुडु’ जैसी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी मिसाल माना जाता है। ‘तंद्रा पपरायुडु’ के लिए उन्हें 1986 में फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला, जबकि 2006 में उन्हें फिल्मफेयर साउथ लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। कृष्णम राजू केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि सफल निर्माता भी थे। उन्होंने ‘गोपी कृष्णा मूवीज’ बैनर के तहत कई फिल्मों का निर्माण किया। सिनेमा के साथ-साथ उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा। 1999 में बीजेपी के टिकट पर नरसापुरम सीट से जीत दर्ज कर वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री बने और 2004 तक विदेश राज्य मंत्री के रूप में सेवाएं दीं। सुपरस्टार प्रभास के चाचा रहे कृष्णम राजू आखिरी बार अपने भतीजे के साथ फिल्म ‘राधे श्याम’ में नजर आए थे।

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