हूतियों के खिलाफ सैन्य संघर्ष में शामिल होने से Turkey का इंकार
- सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के बावजूद रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया रुख, याशर गुलेर ने कहा—सैन्य सहायता का उद्देश्य प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करना होगा
अंकारा। तुर्की ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ किसी सैन्य संघर्ष में शामिल होने से इनकार किया है। तुर्की के रक्षा मंत्री याशर गुलेर ने कहा है कि उनका देश हूतियों के साथ किसी तरह के संघर्ष में उतरने पर विचार नहीं कर रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब तुर्की ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ मक्का संयुक्त रक्षा समझौता किया है। एक साक्षात्कार के दौरान याशर गुलेर ने कहा, हम हूतियों के साथ किसी भी तरह के संघर्ष में शामिल होने पर विचार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब को तुर्की की ओर से दी जाने वाली संभावित सैन्य सहायता का मुख्य उद्देश्य उसकी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना होगा।
तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच अगस्त में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इस सप्ताह समझौते को मंजूरी के लिए तुर्की की संसद में पेश किया गया। समझौते के प्रावधानों के अनुसार, तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होने की स्थिति को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। हालांकि, रक्षा मंत्री के बयान से संकेत मिलता है कि समझौते के बावजूद तुर्की हूती विद्रोहियों के खिलाफ सीधे सैन्य संघर्ष में शामिल होने से दूरी बनाए रखना चाहता है। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच तुर्की ने संभावित सैन्य सहयोग को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक सीमित रखने की बात कही है।
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