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  • Sunday, 25 October 2026
बद्र समझौते के साथ ही रक्षा सहयोग बढ़ाने की तैयारी में Muslim देश

बद्र समझौते के साथ ही रक्षा सहयोग बढ़ाने की तैयारी में Muslim देश

  • सैन्य तकनीक से लेकर प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बढ़ा रहे सहयोग

दोहा। पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए बद्र समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कतर की राजधानी दोहा में हुए इस करार के तहत चारों देश हथियारों का संयुक्त उत्पादन करने और सैन्य तकनीक, प्रशिक्षण तथा अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। इस साझेदारी का उद्देश्य रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत करना और विदेशी देशों से हथियारों की आपूर्ति पर निर्भरता कम करना है। कतर के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, समझौते के तहत चारों देश अपने संसाधनों, तकनीक, विशेषज्ञों और निवेश का इस्तेमाल साझा रक्षा परियोजनाओं में कर सकते है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चारों देशों की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। तुर्किये के पास आधुनिक सैन्य तकनीक और मजबूत रक्षा उद्योग है, जबकि पाकिस्तान और इंडोनेशिया के पास उत्पादन क्षमता, श्रमशक्ति और बड़े घरेलू बाजार हैं। कतर के पास रक्षा परियोजनाओं में निवेश करने की पर्याप्त वित्तीय क्षमता है।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस सहयोग से तुर्किये की रक्षा कंपनियों को लंबे समय तक ऑर्डर मिल सकते हैं, जबकि पाकिस्तान और इंडोनेशिया को अपने यहां हथियार निर्माण और रखरखाव की तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी। कतर निवेश के जरिए इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। चारों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से अलग-अलग स्तर पर जारी है। पाकिस्तान और तुर्किये संयुक्त रूप से चार युद्धपोत बनाने की परियोजना पर काम कर रहे हैं। इनमें दो युद्धपोत तुर्किये के इस्तांबुल और दो पाकिस्तान के कराची में बनाए जाने हैं। इससे पाकिस्तान को स्वदेशी युद्धपोत निर्माण का अनुभव मिलेगा। वहीं, इंडोनेशिया और तुर्किये के बीच टैंक निर्माण को लेकर भी सहयोग जारी है। नए समझौते से ऐसी परियोजनाओं को व्यापक नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है।


इस साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य अमेरिका जैसे देशों पर सैन्य उपकरणों और तकनीक के लिए निर्भरता घटाना भी माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के दौरान हथियारों की आपूर्ति में बाधाएं और तकनीकी प्रतिबंध देशों के लिए चुनौती बन सकते हैं। इसतरह के संयुक्त उत्पादन को रणनीतिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह समझौता पाकिस्तान की मुस्लिम बहुल देशों के साथ बढ़ती रक्षा साझेदारी के बीच हुआ है। इससे पहले सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की भी चर्चा रही है। हालांकि, मक्का समझौते का मुख्य जोर सामूहिक सुरक्षा पर है, जबकि बद्र करार रक्षा उद्योग, हथियार निर्माण और तकनीक साझा करने पर केंद्रित है।

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