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रुपए में कमजोरी से अन्य देशों की मुद्राओं में भी बढ़ सकता है दबाव: Raghuram Rajan

रुपए में कमजोरी से अन्य देशों की मुद्राओं में भी बढ़ सकता है दबाव: Raghuram Rajan

नई ‎दिल्ली। आर्थिक मुद्दों पर अपनी भविष्यवाणी याद दिलाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने डावोस में अमेरिकी डॉलर के तेजी से मुकाबले में भारतीय रुपए की मौजूदा स्थिति पर संदेह जताया। उनके अनुसार रुपए में कमजोरी आ सकती है और इससे अन्य देशों की मुद्राओं में भी दबाव बढ़ सकता है। राजन ने बताया कि अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल उत्तराधिकारी मुद्रा के रूप में हो रहा है, जिसके कारण वैशिष्ट्य वाले देशों में चिंता बढ़ गई है। उनका मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में वृद्धि से उत्तराधिकारी मुद्रा के प्रयोग में अस्थिरता आ सकती है, जो कि उभरते देशों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। विश्व अर्थव्यवस्था के संस्थानों द्वारा राजन की भविष्यवाणी पर ध्यान दिया जा रहा है और अमेरिकी डॉलर के स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।

राजन ने कहा कि सेंट्रल बैंक को सावधानी बरतने की आवश्यकता है और अमेरिकी डॉलर के इस्तेमाल की प्रवृत्ति को लेकर चिंता की जा रही है। वर्तमान में भारतीय रुपया अभी तक अन्य मुद्राओं के मुकाबले अधिक मूल्यवान है, लेकिन निगरानी रखने की आवश्यकता है क्योंकि आने वाले समय में मुद्रा बाजार में उलझन आ सकती है।

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